अंबाला। लगभग छह माह से बंद शंभू बार्डर इस बार विधानसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा बन सकता है। इसका खामियाजा आमजन सहित व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को आए दिन भुगतना पड़ रहा है। इससे पहले हाईकोर्ट ने शंभू बार्डर खोलने के निर्देश दिए थे, लेकिन जब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो एक संयुक्त कमेटी का गठन करके इसका एक रास्ता खोलने के नए निर्देश जारी कर दिए गए।
विदित हो कि बीते रोज जब पंजाब और हरियाणा सरकार के प्रतिनिधियों से किसानों की वार्ता हुई और उन्हें बिना ट्रैक्टर-ट्राली के दिल्ली जाने को कहा गया। इस पर किसानाें ने जवाब दिया कि टैक्टर-ट्राली उनके घर हैं और इसके बिना वे दिल्ली नहीं जाएंगे। इससे एक बार फिर शंभू बार्डर खुलने पर पेंच फंस गया है। ऐसे में लोगों की परेशानी अभी कम होने की उम्मीद नहीं है। इससे नाराज लोगों ने सोशल मीडिया पर रोष जाहिर करते हुए प्रचार शुरू कर दिया है। ऐसी ही एक पोस्ट वीरवार को सोशल मीडिया पर अपलोड की गई। इसमें बताया गया कि मैं अंबाला का निवासी हूं और शंभू बार्डर खुलने तक किसी भी पार्टी को वोट नहीं दूंगा। यह मेरा विनम्र और मौन विरोध प्रदर्शन का तरीका है। अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो यह संदेश आगे भेजो।