रेलवे ट्रैक बाधित होने से करीब एक दर्जन ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। सूचना के बाद रेलवे कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। करीब आधा घंटा बाद ट्रेनों का आवागमन सुचारु हुआ। ऐसे में यदि ग्रामीणों ने सही समय पर ध्यान नहीं दिया होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
उधर, बावल क्षेत्र के गांव आसरा का माजरा में बारिश के कारण कई दिनों से निर्माणाधीन मकान का लेंटर टूट गया, जिससे पति-पत्नी सहित पांच घायल हो गए। घटना के बाद हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों ने घायलों को ट्रामा सेंटर पहुंचाया।
आसरा का माजरा निवासी सुरेश के घर निर्माण कार्य चल रहा था। रात से हो रही बारिश के कारण गुरुवार सुबह करीब सात बजे अचानक निर्माणाधीन मकान का लेंटर गिर गया। जिसमें सुरेश, सावित्री, पुत्री मनीषा, अनुष्का व वंशिका घायल हो गए। हादसा के बाद वहां हड़कंप मच गया। शोर सुनकर आसपास के लोग भी जमा हो गए। लोगों ने उन्हें ट्रामा सेंटर पहुंचाया, जहां उनकी स्थिति सामान्य बताई गई है। सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
गोविंदपुरी निवासी राजीव, सुनील कुमार, कान्हाराम, अनिल कुमार, जयसिंह चौहान व जयपाल ने बताया कि रात्रि से ही लगातार तेज बारिश हो रही थी। सुबह करीब साढे़ सात बजे वे अपने घरों के पास खड़े थे तभी रेलवे लाइन से उनकी नजर पटरी पर पड़ी। रेलवे स्लीपर के नीचे से रोड़ियां निकल चुकी थी। मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी।
अधिकारियों ने नहीं उठाया फोन
युवकों ने बताया कि इसकी सूचना देने के लिए खोरी रेलवे स्टेशन, रेवाड़ी रेलवे स्टेशन व उपायुक्त कार्यालय में फोन किया, लेकिन किसी भी फोन नहीं उठाया। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। करीब आधा घंटा बाद रेलवे कर्मचारी वहां पहुंचे।
अधूरे अंडरपास से हुआ कटाव
ग्रामीणों ने बताया कि रेलवे लाइन के नीचे से गोविंदपुरी गांव के लिए अंडरपास बनाने का कार्य किया जा रहा है, जो बड़ी ही धीमी गति से हो रहा है। आधा अंडरपास कच्चा होने से बारिश का पानी इसमें आना लगा और रेल लाइन से मिट्टी कट गई थी।
लगातार हुई बारिश के चलते रेलवे लाइन के नीचे मिट्टी का कटाव हो गया, जिससे स्लीपर की रोड़ियां हट गई थी। चार स्लीपर की मिट्टी का कटाव हुआ था। अगर समय पर सूचना नहीं मिलती तो कटाव ज्यादा हो सकता था, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। -पीडब्ल्यूई, कुंड