फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस गांव में महिलाएं भी बेचती हैं नशा, लेकिन अब हुआ है कुछ ये काम

Sun, 07 May 2017 09:43 AM IST
संगीता गुप्ता /अमर उजाला, जगरांव (पंजाब)
विज्ञापन
नशे के खिलाफ खड़ा हुआ गांव - फोटो : Demo Pic
विज्ञापन
नशे के दलदल में डूबे पंजाब की जमीनी हककीत जानकर आप हैरान रह जाएंगे। इस गांव में महिलाएं भी नशा बेचने लगी, लेकिन अब इस गांव ने नशे से तौबा कर लिया है लुधियाना जिले से एक अच्छी खबर आई है नशे के लिए बदनाम गांव खुरसैदपुर के लोगों ने नशे से तौबा करने की घोषणा की है। शनिवार को गांव की पंचायत में लोगों ने हल्फिया बयान देकर संकल्प लिया कि वे भविष्य में किसी भी तरह का नशा नहीं बेचेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि वे नशा बेचने वालों के खिलाफ पुलिस का पूरा सहयोग भी करेंगे।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार गांव खुरसैदपुर के करीब 50 फीसदी लोगों के खिलाफ नशा बेचने के मामले दर्ज हैं। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं। हालत यह है कि ज्यादातर घरों के किसी न सदस्य के खिलाफ नशे का मामला दर्ज है। गांव नशे के कारण इतना बदनाम है कि यहां के बच्चों के रिश्ते भी होने मुश्किल हो रहे थे। गांव से बेट इलाके में नशा बेचा जाता है। सतलुज दरिया के आसपास के गांवों में यहां से नशा सप्लाई किया जाता है। कई बार गांव के लोग दरिया पार कर जालंधर के इलाके में भी घुस जाते हैं।

गांव के सरपंच संता सिंह ने बताया कि गांव पूरे पंजाब में बदनाम हो गया था। चाहे लड़के के पास 50 एकड़ जमीन ही क्यों न हो, खुरसैदपुर का नाम सुनकर लड़की वाले रिश्ता करने से कन्नी काट लेते थे। इसी बदनामी से बचने के लिए हमने गांव वालों से बात की, उन्हें समझाया। जिस पर केस दर्ज हैं, उन्हें भी समझाया। इसके बाद सबने मिलजुल कर यह फैसला लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

डेढ़ माह में 238 मामले दर्ज, 232 गिरफ्तार

नशे के लिए बदनाम गांव ने की नशे से तौबा - फोटो : Demo Pic
देहाती पुलिस के एसएसपी सुरजीत सिंह का कहना है कि नशे के खिलाफ पूरे इलाके में जबरदस्त अभियान चलाया गया। इसके तहत 17 मार्च से लेकर अब तक नशा तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में कुल 238 मामले दर्ज किए गए। 232 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, उनके कब्जे से भुक्की, चूरा पोस्त, हेरोइन, गांजा और नशीला पाउडर बरामद किया गया है।

इस दौरान पुलिस ने दो क्विंटल 18 किलो भुक्की और चूरा पोस्त बरामद किया। जबकि 21 किलो नशीला पाउडर, अफीम डेढ़ किलो, गोलियां 46 हजार 383, गांजा आठ किलो, कैप्सूल 11 हजार 114, हेरोइन 107 ग्राम और चरस 300 ग्राम इत्यादि बरामद किए गए हैं। इस दौरान 18 भगोड़ों को भी काबू किया गया।      
    
केमिस्टों ने भी नशीली दवा न बेचने का भरोसा दिया
एसएसपी ने कहा कि जगरांव के थाना सदर के इलाके में आते गांव मलसीहा बाजन, कमालपुरा, थाना सिंधवा बेट के तहत आते गांव कुलगहना में नशा बेचने वालों ने पंचायत की मौजूदगी में इस धंधे से तौबा की थी। केमिस्ट एसोसिएशन ने भी नशे संबंधित दवा नहीं बेचने का भरोसा दिलाया है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें