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गजब की स्कीम, पौने 3 लाख में हाथी और 2 लाख में शेर को बनाइए अपना

Thu, 25 Jan 2018 04:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जीरकपुर
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छतबीड़ जू के जानवर - फोटो : अमर उजाला
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देश में पहली बार एक अनोखी स्कीम शुरू की जा रही है, जिसके तहत लोग पौने तीन लाख में हाथी को और दो लाख में शेर को अपना बना सकते हैं। यदि आप अपने दोस्तों और जानकारों के बीच कह सकें कि ‘मैंने तो शेर पाल रखा है, तो कैसा लगेगा? शेर ही नहीं, अब आप हाथी, बाघ, तेंदुआ और छतबीड़ में मौजूद कोई भी वन्य प्राणी गोद ले सकते हैं। हां, आपको इसकी कीमत जरूर चुकानी होगी।
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बदले में उस एनिमल के बाड़ के सामने एक साल या एक महीने के लिए आपके नाम का बोर्ड लगेगा। जबसे वन विभाग ने वन्य प्राणियों को गोद लेने की स्कीम लांच की है, तब से अब तक कई सक्षम नेता, स्कूल प्रबंधन और नौकरशाह वन्य-जीवों को गोद ले चुके हैं। वन्य प्राणियों को अपनाने के प्रति इसी दिलचस्पी को देखते हुए अब इस योजना को और विस्तार दिया गया है, क्योंकि अब कोई भी व्यक्ति वन्य जीवों को एडॉप्ट कर सकता है।

इसके अंतर्गत पौने तीन लाख के करीब में हाथी, तो दो लाख से कुछ अधिक धनराशि अदाकर शेर या टाइगर को अपनाया जा सकता है। नियमानुसार वन्य-जीवों को एक साल के लिए एडाप्ट किया जाता है, इसके लिए एक साधारण आवेदन करना होता है। वहीं, गोद लेने के मामले में विभाग ने अलग-अलग वन्य प्राणी के लिए अलग-अलग धनराशि तय की है।
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आस्ट्रेलियन क्रिकेटर ने एडॉप्ट किया था ईमू
साल 2013 में ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर छतबीड़ आए थे। तब उन्होंने यहां एक इमू को एक महीने के लिए एडॉप्ट किया था। वहीं अब बड़े जानवरों को जहां लोग एक से छह महीने के लिए एडॉप्ट कर रहे हैं। छोटे जानवर और पक्षियों को सालभर के लिए अपनाने वालों की कमी नहीं है।
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‘जानवरों को भी लोगों की जरूरत हैं’

छतबीड़ जू - फोटो : amar ujala
छतबीड़ प्रबंधन एडॉप्ट स्कीम के तहत ज्यादा से ज्यादा लोगों को जू के साथ जोड़ना चाहता है। इसलिए एडॉप्ट स्कीम का थीम ‘जानवरों को भी लोगों की जरूरत हैं’ रखा गया है। छतबीड़ प्रबंधन की ओर से लोगों के दिलों में वाइल्ड लाइफ के प्रति प्यार और अवेयरनेस के लिए साल 2010 में इस स्कीम को शुरू किया गया था। इससे एनिमल वेलफेयर के काम के साथ-साथ रेवेन्यू भी जनरेट होता है।

फिक्सड टाइम के लिए जानवरों को एडॉप्ट किया जा सकता है। इसके लिए जिस संस्था या व्यक्ति की ओर से जानवरों को एडॉप्ट किया जाता है, उसका नाम जानवर के पिंजरे के बाहर डिस्पले किया जाता है। एडाप्टी को सर्टिफिकेट भी दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि एनिमल्स को एडॉप्ट करने के लिए पंजाब सरकार की वेबसाइट पीबी फॉरेस्टस डाट गर्वमेंट डाट इन पर जाकर फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं। इसके साथ ही एडॉप्शन के लिए मौजूद एनिमल और उसकी फीस दी हुई है। फॉर्म भरकर एमसी जीयोलॉजिकल पार्क के नाम पर डिमांड ड्राफ्ट भेजवा सकते हैं। वहीं, एडॉप्ट करने वाले पेमेंट ऑनलाइन भी कर सकते हैं।
- एम सुधाकर, फील्ड डायरेक्टर, छतबीड़ जू जीरकपुर।

यह होगा मासिक खर्च :
हाथी 23900 रुपये
काला भालू 4800 रुपये
शेर/टाइगर 17200 रुपये
ऑस्ट्रिच (शुतुरमुर्ग) 3100 रुपये
तेंदुआ 6900 रुपये
ईमू 4600 रुपये
रॉजी पेलिकन 4800 रुपये
हिरन 1200 रुपये
हाइना 6000 रुपये
हिप्पो 14400 रुपये
बंदर 1700 रुपये
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