मनीमाजरा। चंडीगढ़ और पंचकूला के बीच लंबे समय से चला आ रहा सीमा विवाद फिर से सुर्खियों में आ गया है। मनीमाजरा स्थित शिवालिक एनक्लेव इलाके में चंडीगढ़ की करोड़ों रुपये कीमत वाली जमीन पर पंचकूला प्रशासन की ओर से बार-बार कब्जे की कोशिश की जा रही है। स्थानीय निवासियों ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है और चंडीगढ़ प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। निवासियों का कहना है कि यह विवाद न केवल उनकी सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है, बल्कि इलाके के विकास को भी बाधित कर रहा है।
शिवालिक एनक्लेव वेलफेयर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जगदीप शर्मा ने बताया कि शिवालिक एनक्लेव चंडीगढ़ से ओल्ड पंचकूला जाने वाली सड़क के किनारे स्थित है, एक प्रमुख आवासीय इलाका है। यहां की जमीन चंडीगढ़ प्रशासन के अधीन है, लेकिन पंचकूला प्रशासन की ओर से इसे अपने क्षेत्र में शामिल करने के प्रयास लंबे समय से जारी हैं।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस जमीन की कीमत करोड़ों रुपये है, जो सामुदायिक सुविधाओं जैसे कम्युनिटी सेंटर के लिए उपयोगी हो सकती है। पंचकूला प्रशासन बार-बार इस जमीन पर अतिक्रमण करने की कोशिश कर रहा है। हमने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यह जमीन चंडीगढ़ की है और इसका दुरुपयोग नहीं होने देना चाहिए।
एसोसिएशन के अन्य सदस्य रामेश्वर दास शर्मा, आरएम भल्ला, वरिंदर गुप्ता, राजेश सिंगला, अरुण शर्मा, गुरदीप सिंह, हनुमंत, गुरनाम सिंह और जीएस जोहल ने भी इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाई है। इन लोगों का कहना कि यह विवाद न केवल दो शहरों के बीच तनाव बढ़ा रहा है, बल्कि स्थानीय निवासियों के जीवन को भी प्रभावित कर रहा है।
सामुदायिक केंद्र बनाए की मांग
शिवालिक एनक्लेव में कोई सामुदायिक केंद्र न होने के कारण निवासी शादियों और अन्य आयोजनों के लिए जीरकपुर के महंगे मैरिज पैलेस पर निर्भर हैं। इससे आर्थिक बोझ बढ़ता है और स्थानीय स्तर पर सुविधाओं का अभाव महसूस होता है। स्थानीय एसोसिएशन ने चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर और म्यूनिसिपल कमिश्नर से तत्काल हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि जमीन की तत्काल बाड़बंदी (फेंसिंग) कर सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। कम्युनिटी सेंटर का निर्माण कर स्थानीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाए। इस चंडीगढ़ की जमीन पर सामुदायिक केंद्र बनाए जाए।