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#हिंदी हैं हम: 'मेरी मां मेरी जमीं है तो पापा मेरा पूरा आसमान'...क्लिक कर पढ़ें- पाठकों की बेहतरीन कविताएं

Sun, 06 Sep 2020 03:36 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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hindi hai hum - फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला के ‘हिंदी हैं हम’ अभियान को पाठकों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। ई-मेल पर रोजाना बड़ी संख्या में पाठकों की रचनाएं प्राप्त हो रही हैं। कई हिंदी प्रेमी बहुत ही सुंदर रचनाएं भेज रहे हैं। इन रचनाओं का प्रकाशन 14 सितंबर तक जारी रहेगा। रचनाएं भेजते समय इस बात का जरूर ध्यान रखें कि उनकी शब्द सीमा 100 शब्दों से ज्यादा न हो। मेल के साथ अपनी फोटो भी अवश्य भेजें।

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मेरे पापा
मेरी दुनिया, मेरा जहान हो
मेरे लिए आप ही सबसे महान हो
अगर मेरी मां मेरी जमीं है
तो पापा आप मेरा पूरा आसमान हो
पापा आप से ही मेरी पहचान है
क्या कहूं आप मेरे लिए क्या हो
भगवान का दिया सबसे कीमती तोहफा
बस मेरे पापा आप हो...बस मेरे पापा आप हो
आपके होने से हमारी खुशियां आबाद हैं
आपके होने से हमारे सपनों में उड़ान है
मेरी दुनिया मेरा जहान हो
मेरे लिए पापा आप ही सबसे महान हो
-प्रिंशु, विद्यार्थी चंडीगढ़

मां
भगवान का दूसरा रूप है मां, उनके लिए दे देंगे जान
हमको मिलता जीवन उनसे, कदमों में है स्वर्ग बसा
संस्कार वह हमें बतलाती, हमारी गलतियों को सुधारती
प्यार वह हम पर बरसाती, तबीयत अगर हो जाए खराब
रात-रात भर भागते रहना, मां बिन जीवन है अधूरा
खाली-खाली सूना-सूना, खाना पहले हमें खिलाती
बाद में खुद खाती, हमारी खुशी में खुश हो जाती
दुख में हमारे आंसू बहाती, कितने खुशनसीब हैं हम
पास हमारे हैं मां, होते बदनसीब वे कितने
जिनके पास न होती मां
-तनवी खुराना, आठवीं कक्षा, विद्यार्थी सेक्टर 28

माता-पिता
पापा की मैं बड़ी लाडली, मम्मी की मैं जैसे जान
दिल नादान मगर हरदम, रखती हूं मैं सबका ध्यान
पापा मेरे हैं केमिस्ट, दुनिया में सबसे बेस्ट
मेहनत इतनी करते हैं, जैसे चढ़ना हो एवरेस्ट
पापा का तो प्यार अनोखा, जैसे शीतल हवा का झोंका
मां की ममता सबसे प्यारी, सबसे सुंदर, सबसे न्यारी
मां ममता की धरा है, पिता जीने का सहारा है
माता-पिता का साथ कभी न छोड़ना
दिल उनका भूलकर भी न तोड़ना
शिक्षक बन तुम्हें पढ़ाया, दर्द सहते हुए भी तुम्हें हंसाया
तुम इस ओहदे पर पहुंचे हो, तुम्हें इस काबिल बनाया
माता-पिता का कभी साथ न छोड़ना
दिल उनका भूलकर भी न तोड़ना
-अंशिका, विद्यार्थी, सेक्टर-7 चंडीगढ़

कोरोना का रोना
कोरोना का रोना है, चारों ओर इसी का नाम
घर घर चर्चा हो रही, हर सुबह शाम
क्रूर कोरोना ने मचा दिया कोहराम
राक्षस बन आक्रमण किया, बंद हुए सभी धाम
कोरोना से परेशान हो गई सारी आवाम
दूरी हुई मजबूरी, ढूंढने लगे नये-नये इंतजाम
समय नहीं है, समय नहीं है, और न ही चैन आराम
भागदौड़ भरी दिनचर्या को दे दिया विराम
कैसा कहर है कोरोना का, बंद हुआ व्यापार तमाम
प्रयत्न और सहयोग करो, डाक्टर को करो प्रणाम
क्या करना है मंगल पर, करोड़ों का है यह काम
यह धरती रोग मुक्त हो, खोजें नये आयाम
सब मिल करें प्रार्थना, लो प्रभु का नाम
जल्दी समाप्त हो, इस कोरोना का भयानक परिणाम
अभिमानी मानव हार गया, मां प्रकृति को करो सलाम
बैर और हिंसा कोरोना, बनो शाकाहारी यही पैगाम
मां प्रकृति को करो सलाम
-सरोज जैन, चंडीगढ़

शिक्षक दिवस
खूब पढ़कर, आगे बढ़कर
मां पापा, शिक्षक का, रोशन नाम करेंगे
परीक्षा में अच्छे अंक लेकर,
कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करेंगे
पढ़ लिखकर, हम खूब आगे बढ़ेंगे
शिक्षक को खुश करेंगे, माता-पिता को खुश करेंगे
शिक्षक की सीख को साथ लेकर,अच्छी राह पर चलेंगे
शिक्षक की खुशी, हममें बसी
डांटते भी हैं, कभी मारते भी हैं
फिर हमारी गलतियों को सुधारते भी हैं
अब तो बस यही ठाना है, खूब पढ़ाई करके
मम्मी-पापा, शिक्षक का नाम रोशन कर दिखाना है
शिक्षक दिवस मनाएंगे, खूब पढ़ाई करके
आगे बढ़ जाएंगे
-दिशिका, विद्यार्थी मोहाली

साइबर क्राइम
मेरे लफ्जों से निकले पन्ने, सब बयान करते हैं
आज का इतिहास, फोन पे क्राइम करते हैं
मैं नहीं कहता कुछ गलत, सोशल मीडिया बयान करता है
अपने फोन को खोल के देखो, कितना अखबार में कितना क्राइम चलता है
हर अखबार की हेडलाइन पर, हैक हैक छपता है
इंसान की कीमत कम, अकाउंट महंगा बिकता है
जोश में आकर अकाउंट बना लेते, बिना सोचे समझे दोस्त बना लेते
बातों ही बातों मे पहचान बताते, अकाउंट हैक हो जाता तब पछताते
समझो और जानो, अकाउंट को प्राइवेट बना लो
बस इतना ही कहना, पासवर्ड अपना बना लेना
-राजिंदर सिंह, विद्यार्थी, मोहाली

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