-ऐसा दावा करने वालोंं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग का मामला पहुंचा हाईकोर्ट
-याचिका पर हरियाणा सरकार व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
काले जादू के नाम पर लोगों को गुमराह करने, उनसे बलि दिलवाने और अन्य प्रकार के अनैतिक कार्य करवाने के साथ अपने दावों की गारंटी देने वालों पर कार्रवाई की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। सिरसा निवासी बलदेव सिंह व अन्य ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि अवैध धार्मिक गतिविधियों में लिप्त लोग काले जादू का तिलिस्म बताकर लोगों से धर्म के नाम पर बलि या हत्या तक करवा रहे हैं। अलौकिक शक्तियों का दावा बड़े पैमाने पर किया जा राह है और इंटरनेट, प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर धड़ल्ले से इनके विज्ञापन जारी किए जा रहे हैं। इन विज्ञापनों में दावा किया जाता है कि काले जादू की मदद से वे किसी भी समस्या का कुछ घंटों से लेकर कुछ दिनों में समाधान निकाल देंगे। याची ने कहा कि ऐसा करना संविधान के विरुद्ध है, क्योंकि अनुच्छेद 25 सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता तथा स्वास्थ्य के अधीन धर्म की स्वतंत्रता प्रदान करता है। विज्ञापनों में दावा किया जाता है कि वे विरोधियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और मनोकामना पूरी करवाने में सक्षम हैं। ऐसे विज्ञापन पुलों, बिजली के खंभों, सार्वजनिक दीवारों और अन्य आम जगहों पर आराम से पढ़े जा सकते हैं। कोर्ट को बताया गया कि उनका दावा यही तक नहीं रुकता, वे यह भी गारंटी देते हैं कि पांच सात दिनों में परिणाम दिखाई देंगे, जिसके परिणामस्वरूप भोले-भाले लोग ऐसे लोगों के झांसे में आ जाते हैं। हाई कोर्ट से इस मामले में उचित आदेश जारी करने का आग्रह किया गया है।