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Chandigarh News: बदली जीवन शैली से एनीमिया, डायबिटीज, हाइपरटेंशन के मरीज बन रहे लोग

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माई सिटी रिपोर्टर
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पंचकूला। बदली जीवन शैली और खान-पान का ख्याल नहीं रखने के कारण लोग एनीमिया, डायबिटीज, हाइपरटेंशन, कुपोषण और कैंसर समेत अन्य बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। हरियाणा निरोगी योजना के तहत डेढ़ साल में किए टेस्टों से यह खुलासा हुआ है। पंचकूला प्रदेश में पहला जिला है जहां स्वास्थ्य विभाग ने 197115 लोगों पर टेस्ट किए। इन लोगों के विभाग ने 15 लाख 15 हजार 753 टेस्ट किए। इसमें 13871 लोग गंभीर बीमारियों से पीड़ित मिले। हरियाणा निरोगी के तहत 2.81 लाख लोगों के टेस्ट किए जाने हैं। इसमें अभी तक 197115 लोगों के टेस्ट किए गए हैं। विभाग के अनुसार 1.80 लाख रुपये से कम इनकम वाले लोगों को इसमें कवर किया जा रहा है।
हरियाणा निरोगी पंचकूला की नोडल ऑफिसर डॉ. मनकीरत मुरारा ने बताया कि जीवनशैली अच्छी नहीं होने और जानकारी के अभाव के कारण लोग बीमार हैं। डेढ़ साल में किए टेस्ट के दौरान यह मरीज सामने आए हैं। इसमें सबसे ज्यादा कमी खून की बनी है। इसमें 8088 मरीज एनीमिया के सामने आए हैं। इसमें सबसे ज्यादा बच्चे और गर्भवती महिलाएं हैं। इसमें सही तरीके से खान-पान और टेस्टिंग नहीं होने के कारण इन्हें बीमारी का देर से पता चला है। वहीं इसके अलावा डायबिटीज के 1816 मरीज सामने आए हैं। इसमें भी अधिकतर मरीज नशा करते हुए और सही तरीके की जीवनशैली नहीं अपनाने के कारण इसका शिकार हुए हैं। इसके अलावा हाइपरटेंशन के 2726 मरीज, हार्ट के 54, स्ट्रोक के 10, कैंसर जैसी घातक बीमारी के 27 और कुपोषित बच्चों के 258 मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इनकी बीमारी का बढ़ने का मुख्य कारण समय पर टेस्टिंग नहीं होने के कारण है। टेस्टिंग के बाद बीमारी का पता चला है। मरीजों को फोन कर इलाज के लिए बुलाया जा रहा है और दवाएं भी बांटी जा रही है। इन मरीजों की मुफ्त इलाज की सुविधा पंचकूला स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी जा रही है।
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टेस्ट के बाद एनीमिया का पता चला
खड़क मंगोली की रहने वाली 23 वर्षीय महिला ने बताया कि उन्हें बार-बार चक्कर आ रहा था। चक्कर आने पर डिस्पेंसरी गईं तो उन्हें सिविल अस्पताल रेफर किया गया। जांच के बाद एनीमिया का पता चला। इसके बाद उन्हें जागरूक कर दवाइयां दी गई। इसके बाद उन्हें आराम मिला। उन्हें यह समस्या पिछले एक साल से बनी थी। अब वह पूरी तरह से ठीक हैं।

शुगर की बीमारी का पता चला, इलाज से राहत है
आशियाना सेक्टर -20 के रहने वाल 25 वर्षीय युवक ने बताया कि शुगर की बीमारी है। उन्हें लगातार दर्द बना रहता था। इसके बाद वह सिविल अस्पताल इलाज कराने गए। इलाज कराने के पहले उनके टेस्ट मुफ्त किए गए। इसके बाद उन्हें बीमारी का पता चलने के साथ दवाइयां मिली। अब वह पूरी तरह से ठीक है।

इन बीमारियों के मरीज आए हैं सामने
एनीमिया - 8088
हाइपरटेंशन - 2726
डायबिटीज - 1816
कुपोषित बच्चे-258
टीबी - 09
कैंसर - 27
हार्ट डिजीज - 54
स्ट्रोक - 10
अन्य बीमारियों 883 मरीज हैं

यह बरतें सावधानी
हरियाणा निरोगी पंचकूला की नोडल ऑफिसर डॉ. मनकीरत मुरारा ने बताया कि अगर किसी को कमजोरी, चक्कर आना और दर्द शरीर से नहीं जाने की बात सामने आती है तो वह तुरंत अस्पताल आकर अपने टेस्ट करवा सकते हैं। कैंप लगाकर लोगों की जांच कर रहे हैं। इसके अलावा लोगों के सभी टेस्ट मुफ्त में होंगे। समय रहते बीमारी पता चलेगी तो उसका आसानी से इलाज किया जा सकेगा। इससे लोगों के स्वास्थ्य को ठीक किया जा सकेगा।
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हरियाणा निरोगी पंचकूला की टेस्टिंग लगातार जारी है। मेरी लोगों से अपील है कि अगर किसी प्रकार की दिक्कत होती है तो लोग तुरंत अपने पास के सामुदायिक केंद्र या सिविल अस्पताल आएं। उनके सभी टेस्ट मुफ्त किए जाएंगे और उनका इलाज समय पर हो सकेगा और लोग बीमारी से सावधान रह सकेंगे। -डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर-6
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