2013 में पैक के निदेशक पर हुई नियुक्ति को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। दायर याचिका में आरोप लगाया था कि नियुक्ति में नियमों का पालन नहीं किया गया। याचिकाकर्ता प्रदीप गर्ग ने आरोप लगाया था कि निदेशक की नियुक्ति के लिए निर्धारित मापदंड का पालन नहीं किया गया।
चयन के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय कमेटी में यूटी एडवाइजर, तकनीकी सचिव और गृह सचिव को शामिल किया गया था। नियमों के अनुसार कमेटी में तकनीकी विशेषज्ञों को लिया जाना था, लेकिन ब्यूरोक्रेट्स की कमेटी ने नियमों को अनदेखा किया। निदेशक पद के आवेदकों की कोई एसेस्मेंट नहीं करवाई गई।
इस संबंध में पहली मीटिंग के बारे में प्रतिवादी को ही ठोस जानकारी भी नहीं दे पाए। कमेटी ने इसके बाद दूसरी मीटिंग दिल्ली में बुलाई, जिसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं दी गई। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलीलों को सही मानते हुए निदेशक की नियुक्त को रद्द करने के आदेश दे दिए।