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किसान आंदोलन का असर : दिल्ली जाना है तो देने होंगे 750 रुपये

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चंडीगढ़। किसान आंदोलन का असर आम लोगों की जेब पर पड़ने लगा है। बस और रेल यातायात बंद होने से कैब का सहारा लेना पड़ रहा है। उधर, कैब संचालकों ने साफ कह दिया है कि गाड़ी गांव में से घुमाकर ले जानी पड़ती है, इसलिए शेयरिंग में 550 रुपये किराया और 200 रुपये अतिरिक्त लगेंगे। जरूरतमंद लोग मान ले रहे हैं, कुछ लोग वापस लौट जा रहे हैं।
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किसान आंदोलन के कारण पुलिस प्रशासन ने जगह-जगह बैरिकेडिंग कर रखी है। वहीं, दूसरी ओर रास्ते में किसान धरने पर बैठे हैं। गाड़ियों को गांव में घुमाकर दिल्ली तक भेजा जा रहा है। वहीं, गाड़ी चालकों को डर है कि कहीं प्रदर्शन के दौरान किसान उनकी गाड़ियां न तोड़ डालें। मनीमाजरा निवासी कैब संचालक विजय कुमार ने बताया कि शेयरिंग में जाने के लिए सवारियां भी नहीं मिल रहीं है, इसलिए दोनों साइट के लिए बुकिंग कर रहे हैं। उसमें जितनी सवारी मिल जाए ठीक है।
गाड़ियों की बुकिंग के दाम भी दोगुने
गाड़ी बुक करवाने के दाम बढ़ गए हैं। पहले छोटी गाड़ियां 28 सौ से 3 हजार में बुक होती थी। अब उनके रेट 5 हजार तक हो गए हैं। वहीं, बड़ी गाड़ियां पहले 4 हजार रुपये तक बुक होती थी, जो अब वह 7 हजार रुपये ले रही हैं।
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करनाल के पास बवाल में तोड़ दी थी गाड़ी
जब किसान आंदोलन शुरू हुआ था तब करनाल के पास पुलिस और किसानों के बीच झड़प हो गई थी। इस दौरान गाड़ी तोड़ दी गई थी। अब 4 हजार रुपये के लिए लाखों की गाड़ी दांव पर लगाना ठीक नहीं है। इसलिए अब बुकिंग ले ही नहीं रहे।
-विजय, कैब चालक, सेक्टर-32 चंडीगढ़
तीन घंटे बढ़ गए, 70 किमी का फेर भी
दिल्ली पहुंचने में पहले 5 से साढ़े पांच घंटे लगते थे, अब 8 घंटे लग रहे हैं। गाड़ी मुरथल से मोड़ दी जाती है, जो दिल्ली में पिराघड़ी में जाकर निकलती है। इससे गाड़ियों का 70 किमी का अतिरिक्त फेर भी बढ़ गया है, इसलिए किराया बढ़ाना पड़ा है।
-वीरेंदर, कैब चालक, सेक्टर-41 चंडीगढ़
हमने इस समय दिल्ली की सर्विस को बंद कर दिया है। एक तो रास्ते ब्लॉक हैं और जाना भी खतरे से खाली नहीं। गाड़ियों को नुकसान पहुंच सकता है। जिन लोगों को रास्ते पता हैं, वे जा रहे हैं। इस समय ज्यादातर लोग हवाई यात्रा से दिल्ली पहुंच रहे हैं। क्योंकि शताब्दी भी बंद चल रही है।
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-सुखविंदर सिंह सिद्धू, सिद्धू टूर एंड ट्रेवल्स
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