चंडीगढ़। प्रॉपर्टी टैक्स संबंधी समस्याओं को हल कराने के लिए नगर निगम एक विशेष शिविर का आयोजन कर रहा है। इसमें सेक्टर के हिसाब से लोगों की समस्याओं का हल किया जा रहा है। जिन सेक्टरों का नंबर निकल गया है, निगम ने उन्हें अब सख्ती से नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। अब समय रहते जो लोग अपनी समस्याओं को हल कराने नहीं पहुंचेंगे उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स भरना ही होगा। निगम ने अब तक 6 हजार लोगों को नोटिस भेज दिया है और 6 हजार लोगों को 14 जुलाई तक और नोटिस जारी हो जाएगा।
नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स को ऑनलाइन करने के लिए तैयारियां शुरू की थीं। बाद में पता चला कि वर्ष 2003 के बाद से नगर निगम के पास प्रॉपर्टी टैक्स का डाटा ही नहीं है। जिन लोगों के प्रॉपर्टी टैक्स संबंधी दस्तावेज नहीं मिले निगम ने उन्हें नोटिस जारी कर दिया। उसके बाद निगम में लोगों की लंबी कतारेें लगने लगीं। लोगों का कहना था कि प्रॉपर्टी टैक्स भरने के बावजूद हमें नोटिस जारी किए गए हैं। लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखकर एडिशनल कमिश्नर-3 ने 31 मई तक करेंट ईयर का टैक्स जमा करने को कहा। पिछले टैक्स संबंधी समस्याओं को विशेष शिविर में हल करने का आश्वासन दिया, लेकिन लोगों ने शिविर में कोई रुचि नहीं ली। समय निकलता गया और ज्यादातर लोग समस्याओं को लेकर आए ही नहीं। निगम ने इस बार नोटिस जारी कर स्पष्ट कहा है कि अब कोई सुनवाई नहीं टैक्स देना ही होगा।
सदन में उठा था मुद्दा तो कमिश्नर ने दिया था आश्वासन
प्रॉपर्टी टैक्स संबंधी समस्याओं को लेकर पार्षदों ने सदन की बैठक में काफी हंगामा किया था। पार्षदों ने कहा कि निगम की लापरवाही से लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। उसके बाद कमिश्नर केके यादव ने आश्वासन दिया कि सेक्टर के हिसाब से लोगों को निगम में बुलाकर समस्या का समाधान कराया जाएगा। जब शिविर शुरू हुआ तो निगम के कर्मचारी क्षेत्र के पार्षदों और आरडब्ल्यूए के सदस्यों को भी लगातार फोन कर लोगों की समस्याओं को निगम में लाने की अपील कर रहे हैं, लेकिन अब कोई रुचि नहीं ले रहा।
इन क्षेत्रों में भेजे जा चुके हैं नोटिस
सेक्टर 40 में एक हजार, सेक्टर 47 में 1050, मनीमाजरा में एक हजार 677, सेक्टर 43 में 500 सहित कई अन्य क्षेत्रों के लोगों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। कुछ अन्य सेक्टरों के लोगों को नोटिस प्रिंट करके भेजे जा रहे हैं।
नगर निगम पहले अपने दस्तावेज तैयार करे
सेकेंड इनिंग के प्रेजिडेंट आरके गर्ग ने वीरवार को चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन, एडवाइजर और नगर निगम कमिश्नर को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि नगर निगम के पास प्रॉपर्र्टी टैक्स से जुडे़ दस्तावेज नहीं हैं। ऐसे में वह प्रॉपर्टी टैक्स भर चुके लोगों को कैसे नाटिस भेज सकता है। इस मामले में एक जांच भी चल रही है। इसके बावजूद निगम ने यह कदम उठाकर लोगों के साथ गलत किया है। आरके गर्ग ने कहा कि निगम लोगों से सहयोग लेकर इस मामले को सुलझाए न कि नोटिस देकर।
9 अगस्त तक चलगा अभियान, जान लें अपने सेक्टर का दिन
रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के लिए तारीख
सेक्टर/क्षेत्र दिनांक
21, 27, 29, 44, 35, 46, 19 8 से 12 जुलाई तक
18, 14, 22, 34, 23, 37, 8 15 से 19 जुलाई तक
16, 12, 15, 5, 11, 32, 7 22 से 26 जुलाई तक
10, 2, 9, 30, 6, 26 29 से 2 जुलाई तक
4, 3, सभी सरकार आवासीय 5 से 9 अगस्त तक
कॉमर्शियल प्रॉपर्टी के लिए तारीख
सेक्टर/क्षेत्र दिनांक
1, 11, 20, 3, 46, बुटरेला, 22, नया मनीमाजरा 8 से 12 जुलाई तक
10, 20, 24, 37, 44, अटावा, पुराना मनीमाजरा 15 से 19 जुलाई तक
इंडस्ट्रियल एरिया फेज 1, निगम में शामिल हुए नए गांव
9, 18, 25, 32, 28, 42, 43, अटावा, पुराना मनीमाजरा 22 से 26 जुलाई तक
इंडस्ट्रियल एरिया फेज 1, निगम में शामिल नए गांव
8, डीएमसी, 29, 31, 33, 40, 41, 51 29 जुलाई से 2 अगस्त तक
61, मनीमाजरा पुराना, इंडस्ट्रियल एरिया फेज 1
निगम में शामिल हुए नए गांव
7, 15, 21, रामदरबार, बड़हेरी, रेजिडेंशियल 5 से 9 अगस्त तक