पूर्व रेल मंत्री और कांग्रेस नेता पवन कुमार बंसल जल्द ही स्कूल में पढ़ाएंगे। पूर्व सांसद ने शहर के सरकारी स्कूल में पढ़ाने के लिए आवेदन किया है। लेकिन अभी शिक्षा विभाग की ओर से उनके चयन के बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया है। बंसल के साथ सरकारी स्कूल में पढ़ाने के लिए कई और लोगों ने भी आवेदन किया है। मेरिट लिस्ट जारी होते ही बंसल की शहर के किसी सरकारी स्कूल में पढ़ाने की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग तय कर देगा।
सुनने में यह कुछ अजीब लगे, लेकिन पूर्व सांसद पवन बंसल ने टीचिंग प्रोफेशन में जाने की तैयारी कर ली है। वह शहर के सरकारी स्कूल में लीगल लिट्रेसी और पर्यावरण पर 11वीं और 12वीं क्लास के बच्चों को लेक्चर देंगे। लेकिन बंसल को पढ़ाने के लिए कोई मेहनताना नहीं मिलेगा। बंसल को हफ्ते में एक दिन एक घंटे पढ़ाने का समय मिलेगा।
गौरतलब है कि पंजाब के राज्यपाल और यूटी के प्रशासक वीपी बदनौर द्वारा कुछ रोज पहले मनीमाजरा के गवर्नमेंट स्कूल के उद्घाटन मौके पर शहर के रिटायर्ड जज, वकील, शिक्षक, आईएएस, पीसीएच-एचसीएस, जर्नलिस्ट के अनुभवों का सरकारी स्कूल के बच्चों को फायदा देने का प्रपोजल तैयार करने का सुझाव दिया था। यूटी शिक्षा विभाग ने ट्राइसिटी के रिटायर्ड लोगों से सरकारी स्कूल में अपनी फील्ड के अनुसार हफ्ते में एक घंटा या एक पीरियड पढ़ाने को लेकर आवेदन मांगा था।