कोरोना संक्रमण के कारण अभी आंख, दांत और नाक ,कान, गले के मरीजों को इलाज के लिए इंतजार करना होगा। जीएमएसएच 16 की ओपीडी में फिलहाल दिवाली से पहले ऐसे मरीजों को इलाज नहीं मिल पाएगा। क्योंकि अस्पताल प्रशासन ने त्योहार के समय संक्रमण बढ़ने की स्थिति का अनुमान लगाते हुए यह तय किया है कि अन्य बंद पड़ी ओपीडी को इससे पहले शुरू किया गया तो मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ेगी।
फिलहाल अभी पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी। दिवाली के बाद स्थिति नियंत्रण में होने पर बंद ओपीडी के संचालन संबंधी निर्णय लिया जाएगा। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके नागपाल ने बताया कि फिलहाल ओपीडी में मरीजों को भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था संतोषजनक है। मरीज सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए परामर्श ले रहे हैं। इसलिए ओपीडी संचालन में किसी तरह का व्यवधान नहीं आ रहा।
ओपीडी में हो रही स्क्रीनिंग
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए अस्पताल की ओपीडी में भी स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। इसके लिए न्यू ओपीडी बिल्डिंग में चार अलग-अलग काउंटर बनाए गए हैं। जहां ओपीडी में आने वाले मरीजों की कोरोना जांच की जा रही है। डॉक्टर नागपाल ने बताया कि ओपीडी में स्क्रीनिंग करने का मुख्य उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा पॉजिटिव केस को आसानी से चिन्हित करना है ताकि उससे संक्रमण की चेन को कमजोर किया जा सके।
50 से 70 हुई संख्या
कोरोना महामारी के दौरान बंद हुई अस्पतालों की ओपीडी के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। संक्रमण पर नियंत्रण मिलते ही प्रशासन ने जीएमएसएच- 16 की ओपीडी शुरू करने का निर्देश दिया। इसके बाद 20 अक्टूबर से ओपीडी शुरू की गई। शुरुआती दौर में एक विभाग में 50 मरीजों को देखने की सुविधा दी जा रही थी। लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या और परेशानी को ध्यान में रखते हुए इस संख्या को 70 कर दिया गया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि फिलहाल कुछ दिनों तक यह संख्या इतनी रहेगी धीरे-धीरे इसे बढ़ाया जाएगा।