पीड़ित मरीज हैबोवाल निवासी छेदीलाल (65) 25 दिन पहले शिवपुरी इलाके में ई-रिक्शा पलटने की वजह से चोटिल हुआ था। उसके पैर की हड्डी टूट गई थी। सिविल अस्पताल से डॉक्टरों ने मंगलवार शाम छेदीलाल को पीजीआई रेफर कर दिया, लेकिन उसे चंडीगढ़ ले जाने के लिए कोई एम्बुलेंस नहीं दी।
लुधियाना सिविल अस्पताल में मंगलवार रात एक बुजुर्ग मरीज 108 एम्बुलेंस के इंतजार में करीब 4 घंटे तक जमीन पर पड़ा तड़पता रहा। डॉक्टरों ने उसे एम्बुलेंस के आने तक बेड मुहैया करवाना या फिर सरकारी एम्बुलेंस से दूसरे अस्पताल में भेजने का प्रबंध करना जरूरी नहीं समझा।
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परिजनों की तरफ से हेल्पलाइन नंबर पर कई फोन करने के बावजूद 108 एम्बुलेंस नहीं पहुंची और जरूरतमंद मरीज की मदद करने के बजाय ऑपरेटर फोन काटता रहा। मरीज की हालत बिगड़ती देख परिवार ने मजबूर होकर ऑनलाइन एप से टैक्सी बुक की और उसे चंडीगढ़ ले गए।
पीड़ित मरीज की पहचान हैबोवाल निवासी छेदीलाल (65) के रूप में हुई, जो करीब 25 दिन पहले शिवपुरी इलाके में ई-रिक्शा पलटने की वजह से चोटिल हुआ था। उसके पैर की हड्डी टूट गई थी। हादसे के बाद राहगीरों ने उसे सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया था। यहां पर डॉक्टरों ने मंगलवार की शाम छेदीलाल को पीजीआई रेफर कर दिया, लेकिन उसे चंडीगढ़ ले जाने के लिए कोई एम्बुलेंस नहीं दी। पीड़ित के पारिवारिक सदस्यों ने 108 एम्बुलेंस को कई फोन किए, लेकिन वो भी नहीं आई।
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मरीज का परिवार एम्बुलेंस के लिए सिविल अस्पताल में इधर उधर भटकता रहा, लेकिन किसी ने उनकी एक नहीं सुनी। उधर चलने फिरने में लाचार मरीज काफी देर तक जमीन पर पड़ा तड़पता रहा। परिवार ने थक हारकर देर रात ऑनलाइन एप से टैक्सी बुक की और बुजुर्ग को चंडीगढ़ ले गए। हालांकि इस दौरान अस्पताल परिसर में सरकारी एम्बुलेंस सहित 108 एम्बुलेंस भी खड़ी थी, लेकिन इसके बावजूद मरीज की मदद नहीं की गई।