पंजाब के पटियाला के सूलर रोड की रहने वाली एक 18 साल की छात्रा ने घर में ही फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। पुलिस के मुताबिक छात्रा आगे पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ जाना चाहती थी लेकिन गरीब मां-बाप के पास पैसे नहीं थे। जिस बात से मानसिक तनाव में आकर बच्ची ने यह कदम उठा लिया।
ऑफिसर कालोनी पुलिस चौकी इंचार्ज संदीप कौर ने बताया कि रेणु बेटी ननकू मूलरूप से यूपी के गोंडा जिला निवासी वाले थी। दो-तीन दिन पहले 12वीं का परिणाम पंजाब बोर्ड ने जारी किया था। इसमें रेणु के 89 फीसदी अंक आए थे। जिसे लेकर वह खुश भी थी। लेकिन इसी बीच बच्ची ने घर में पंखे के पास लगी लोहे की पाइप से चुन्नी की मदद से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उस समय माता-पिता काम पर बाहर गए थे और भाई-बहन बाहर खेल रहे थे।
पुलिस के मुताबिक लड़की के परिवार वालों ने बयान दिया है कि रेणु पढ़ने में होशियार थी। सीए बनकर घर के लिए कुछ करना चाहती थी। वह चाहती थी कि चंडीगढ़ जाकर आगे की पढ़ाई करे। लेकिन गरीब मां-बाप के पास पैसे नहीं थे। बस इसी मानसिक तनाव में रेणु ने यह कदम उठा लिया। पुलिस ने मामले में धारा 174 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई की है।