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Chandigarh News: एबीवीपी के भविष्य पर अतीत का ग्रहण, 74 छात्र नेता एनएसयूआई में शामिल

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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र संगठन एबीवीपी पर अतीत का ग्रहण लग गया है, पुरानी कलह नहीं सुलझा पाने के कारण नाराज छात्र नेताओं ने मंगलवार को विपक्षी संगठन एनएसयूआई का दामन थाम लिया। इस दौरान एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार ने कांग्रेस भवन में एबीवीपी के 74 छात्र नेताओं को आधिकारिक रूप से संगठन में शामिल करवाया। एबीवीपी में लगभग एक साल से वर्तमान संगठन को चलाने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं में आपसी कलह चल रही थी, संगठन एक साल में इसे सुलझा नहीं पाया।
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एबीवीपी से एनएसयूआई में शामिल होने वाले बहुत से छात्र नेता हरियाणा से संबंध रखते हैं। इन्हें एनएसयूआई में शामिल करने को लेकर प्रमुख भूमिका हरियाणा से संबंध रखने वाले और पीयू छात्र नेता सिकंदर बूरा ने निभाई है। वहीं, अन्य लोगों के प्रयास से एनएसयूआई में विभिन्न विभागों से आने वाले छात्र नेताओं को ज्वाइन करवाया गया। एनएसयूआई में शामिल होने वाले छात्र नेताओं में पूर्व पीयू कन्वीनर और स्टेट यूनिवर्सिटी इंचार्ज एबीवीपी पंजाब के जतिन सिंह, चंडीगढ़ एबीवीपी की को-कंवीनर पूनम ज्याणी के साथ विभिन्न विभागों के पूर्व डिपार्टमेंट रिप्रेजेंटेटिव (डीआर) शामिल हैं। इसमें यूआईएलएस से गुलनाज के अलावा 12 सदस्य, वुमन स्टडीज से आदित्य, ह्यूमन राइट्स से सभ्यता, यूआईसीईटी से प्रिंस के अलावा 24 सदस्य, लॉ से प्रखर सिंह के अलावा 13 सदस्य, फिजिक्स से लोकेश पंघाल और वर्तेश, बीएमएस से आकाश चौधरी और अभिषेक शर्मा, एनर्जी रिसर्च सेंटर से साक्षी और मोनिका के अलावा अन्य कई विभागों से छात्र नेता शामिल हुए हैं। ज्वॉइनिंग के दौरान एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन, चंडीगढ़ कांग्रेस कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष एचएस लक्की, राज्य एनएसयूआई अध्यक्ष सचिन गालव, प्रभारी एनएसयूआई चंडीगढ़ हुसैन सुल्तानिया, चंडीगढ़ युवा कांग्रेस अध्यक्ष मनोज लुबाना, एनएसयूआई नेता सिकंदर बूरा, पूर्व पीयूसीएससी संयुक्त सचिव मनीष बूरा आदि मौजूद रहे।

एनएसयूआई अन्य संगठनों के साथ मिलकर चारों सीटों पर लड़ेगी चुनाव
कन्हैया कुमार ने एनएसयूआई के भीतर एकता की भावना पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संगठन राहुल गांधी से प्रेरित होकर एक ही दृष्टिकोण जुड़ेंगे छात्र, जीतेगा भारत के साथ एकजुट है। एनएसयूआई में देश के युवा शामिल हैं, यहीं से छात्र आंदोलन की शुरुआत होगी और हम जरूरी मुद्दों बेहतरीन और सस्ती शिक्षा और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे। उन्होंने नई शिक्षा नीति के तहत सेल्फ फाइनेंस शिक्षण संस्थानों का विरोध किया, और कहा कि इसके कारण शिक्षा आम लोगों के लिए महंगी हो रही है। शिक्षा के अधिकार को खरीदने की वस्तु बना दिया गया है। देश को कमजोर किया जा रहा है। कन्हैया ने कहा कि बिना डरे बांटने वाली शक्तियों के खिलाफ मोहब्बत का प्रचार करना है। छात्रों के बीच से मुद्दे उठाकर मैनिफैस्टो बनाया जाएगा। वहीं एनएसयूआई अन्य संगठनों के साथ मिलकर चारों सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ेगी और इंडिया एलायंस की तरह पीयू में भी हर कार्यकर्ता हर सीट पर जीत दर्ज करवाने के लिए काम करेगा। किसी भी तरह के ग्रुप और संगठन के खिलाफ गतिविधि करने वाले नेताओं पर कार्रवाई होगी।
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एबीवीपी को एनएसयूआई में शामिल नेताओं से नुकसान नहीं
पीयू में एबीवीपी का इलेक्शन देख रहे छात्र नेता हरीश गुज्जर ने कहा कि जो छात्र एनएसयूआई में शामिल हुए हैं वे एबीवीपी में पिछले एक साल से काम नहीं कर रहे थे। उन्होंने पिछले चुनावों में भी एबीवीपी के खिलाफ वोट करवाए, अब वे एनएसयूआई में शामिल होकर भी क्राॅस वोटिंग ही करवाएंगे। एबीवीपी को इन छात्र नेताओं से कोई नुकसान नहीं है।
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