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Chandigarh News: एक मई से सुधरेगी पार्किंग व्यवस्था<bha>;</bha> वर्दी में होंगे कर्मी, गले में होगा आई कार्ड

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चंडीगढ़। शहरवासी पिछले कई साल से स्मार्ट पार्किंग की आस में बैठे हैं। उम्मीद थी कि इस बार स्मार्ट पार्किंग की परियोजना सिरे चढ़ेगी और शहरवासियों को पार्किंग में होने की अव्यवस्था से छुटकारा मिलेगा लेकिन यह परियोजना फिर खटाई में पड़ गई है। हालांकि नगर निगम नया टेंडर होने तक एक मई से नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसके तहत पार्किंग कर्मचारी अब वर्दी में होंगे और उनके गले में आईडी कार्ड होगा। साथ ही पार्किंग शुल्का का भुगतान भी क्यूआर कोड को स्कैन कर किया जा सकेगा।
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नगर निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने बताया कि शहरवासियों को बेहतर पार्किंग सुविधा मिले, इसीलिए कई बदलाव करने का फैसला किया गया है। वर्तमान में आईसीआईसीआई बैंक की तरफ से पीओएस मशीनें दी गईं हैं, जिनके माध्यम से नगर निगम की तरफ से तैनातकर्मचारी लोगों से पार्किंग फीस वसूलते हैं। हालांकि अब बैंक ने आगे काम करने से इंकार कर दिया है। ऐसे में नगर निगम ने अन्य एक बैंक के साथ समझौता किया है। तय हुआ है कि सभी कर्मचारियों को एक मशीन दी जाएगी, जिसमें क्यूआर कोड होगा। लोग उसे किसी भी यूपीआई से स्कैन तक पार्किंग शुल्क अदा कर सकेंगे। लोग नकद भुगतान भी कर सकेंगे। पार्किंग दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। भुगतान के साथ जिस पार्किंग के लिए पर्ची कटाई है, उसका लोकेशन भी होगा। इसके अलावा पार्किंग कर्मचारी को एक वर्दी दी जाएगी, जो बैंक की ओर से मिलेगी। वर्दी के
साथ ही कर्मचारी के गले में उसका आईडी कार्ड भी होगा ताकि अगर किसी व्यक्ति को पार्किंग या कर्मचारी को लेकर कोई शिकायत करनी है तो वह शिकायत कर सके। आयुक्त ने कहा कि यह व्यवस्था स्मार्ट पार्किंग के लिए नए टेंडर के सफल होने तक लागू रहेगी।
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स्मार्ट पार्किंग के लिए बनेगा नया आरएफपी
सदन की तरफ से बदले फैसले और कई मुद्दों पर अस्पष्टता के बीच नगर निगम ने पीपीपी मॉडल के माध्यम से स्मार्ट पार्किंग समाधान के डिजाइन, विकास, कार्यान्वयन और रखरखाव के लिए जारी किए आरएफपी को रद्द कर दिया है। अब आचार संहिता के हटने के बाद नया आरएफपी बनेगा। निगम ऐसा करने के पीछे भले प्रशासनिक कारणों का हवाला दे रहा है लेकिन सूत्रों का कहना है कि नगर निगम के सदन की तरफ से हाल में पास किए गए मुफ्त पार्किंग की वजह से ऐसा हुआ है। निगम ने इस आरएफपी को अंतिम रूप देने में एक वर्ष से अधिक समय लगाया था। आरएफपी को प्रशासनिक और वित्तीय रूप से मजबूत और व्यवहार्य बनाने के लिए बहुत विचार किया गया था। फरवरी में आयोजित प्री-बिड मीटिंग के दौरान 30 से अधिक बोलीदाताओं ने पार्किंग परियोजना के आरएफपी में अपनी रुचि दिखाई थी लेकिन अब इसे रद्द करने का फैसला लिया गया है।
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