जालंधर कैंट से विधायक पद्मश्री परगट सिंह के शिअद से सस्पेंड करने पर पार्टी और शहर की सियासत गर्मा गई है। परगट सिंह ने शिअद के आलाकमान पर प्रहार करते हुए कहा कि शिअद में चमचा गिरी और दलालों की भरमार है।
उन्होंने कहा कि जैसे ही खबर मिली मुझे शिअद से सस्पेंड कर दिया गया है तो यकीन मानिए की मुझे दिल से खुशी हुई। पार्टी व सरकार में जबरदस्त करप्शन है और जिस मिशन के लिए मैंने पार्टी को ज्वाइन किया था, वह पूरा नहीं हो सका। परगट सिंह ने पार्टी से सस्पेंड होने के बाद बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में 10 मुख्य मांगों को सरकार के आगे रखा था।
समें सॉलिड वेस्ट प्रोजेक्ट, छावनी की चुंगी का मामला, कैंट एरिया के आसपास 13 गांवों में उसारी पर प्रतिबंध, कैंट इलाके में मोबाइल टावरों की समस्या का समाधान न होना, श्मशान घाट के लिए जगह अलॉट न कर पाना, कई इलाकों में सीवरेज की समस्या, विकास कार्यों में कमी, 120 फीट रोड पर कब्जे, कैंट विधानसभा हलके में 200 नाजायज बिल्डिंग तैयार होना था। उन्होंने कहा कि उनकी इन मांगों पर सरकार ने कोई काम नहीं किया।
उन्होंने कहा कि सॉलिड वेस्ट को लेकर वह कई बार सीएम से मिले, लेकिन किसी ने नहीं सुनीं। परगट सिंह ने कहा कि इससे पहले उन्होंने सोचा था कि वह राजनीति से किनारा कर लेंगे, लेकिन अब वह राजनीति की पारी जारी रखेंगे। किस पार्टी के साथ वह खेलेंगे, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। परगट सिंह ने कहा कि वह अभी विधायक हैं और वह इस्तीफा नहीं देंगे।