अपने स्थानांतरण को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले हरियाणा के आईएएस अधिकारी प्रदीप कासनी की जुबान भले ही बंद हो, लेकिन वे सोशल मीडिया के जरिये मुखर हैं। खुद से संबंधित किसी खबर पर कासनी ने फेसबुक के जरिये एक बार फिर प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा है कि छोड़ गवर्नेंस और गुडनेस का चक्कर, खुदगर्ज बन जा हमारी तरह। शुक्रवार को भी सोशल साइट्स पर उनके तबादले की चर्चा जारी रही। खास बात है कि हरियाणा से संबंधित सभी मुद्दों पर दोराय रखने वाले राजनीतिक दल कासनी के तबादले पर एकमत दिख रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी कासनी के तबादले को प्रशासनिक मसला बताया है। हालांकि अभी तक आईएएस रेणु फुलिया के छुट्टी पर होने के कारण कासनी को चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग का चार्ज न छोड़ने के लिए कहा गया है।
लिहाजा शुक्रवार को भी वे विभागीय बैठकों में शामिल रहे। एक जुलाई को रेणु फुलिया का अवकाश समाप्त हो रहा है। इस बीच कासनी ही विभागीय कामकाज को देखेंगे। रेणु फुलिया के आने पर उन्हें कार्यभार सौंप दिया जाएगा।
दूसरी ओर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग में तबादलों के बाद बैठकों का दौर शुरू हो गया है। शुक्रवार को विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव केके खंडेलवाल के पास नर्सिंग परीक्षा को लेकर मंथन जारी रहा। रोहतक मेडिकल कॉलेज, खानपुर मेडिकल कॉलेज तथा मेडिकल कॉलेज नल्हड के उपकुलपति बैठक में शामिल हुए।
मंत्री के निर्णय पर कायम रहते हुए फिलहाल यह निर्णय लिया गया है कि कितना शीघ्र नर्सिंग छात्राओं की परीक्षा करवा दी जाए। इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों के कामकाज पर निगरानी के लिए तीन सदस्यीय अलग-अलग कमेटियां बना दी गई हैं।