जीरकपुर में ट्रैफिक को व्यवस्थित करने के लिए पुलिस ने जो ट्रैफिक प्लान बनाया है, वह बेकार है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पुलिस को इस मामले में कड़ी फटकार लगाई है।
दरअसल इस ट्रैफिक प्लान को बनाने में नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) से न तो कोई सलाह ली गई और न ही उसे सूचित किया गया है। यही नहीं जीरकपुर बस स्टैंड के एग्जिट प्वाइंट को सही ढंग से बनाया भी नहीं गया है।
जस्टिस राजीव भल्ला ने इस मामले में पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट बोर्ड के सचिव को अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट में पेश होकर जवाब देने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि जीरकपुर फ्लाईओवर के पास हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अब भी बसें रुकती हैं।
हाईकोर्ट ने एसएसपी मोहाली और जीरकपुर नगर परिषद को एक माह के भीतर हाईकोर्ट के आदेशों को लागू करने के निर्देश जारी किए।
जस्टिस राजीव भल्ला ने कहा कि अगली सुनवाई तक इन आदेशों को लागू नहीं किया गया तो एसएसपी मोहाली और जीरकपुर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगा दिया जाएगा। इस मामले में अगली सुनवाई 21 फरवरी को होगी।
यह है हाईकोर्ट का पिछला आदेश
ट्रैफिक व्यवस्था संबंधी मामले में पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि जीरकपुर फ्लाईओवर के पास बस और आटोरिक्शा न खड़े हों। इनकी वजह से यहां अक्सर ट्रैफिक जाम लगा रहता है और ट्रैफिक पुलिस सब कुछ देखते हुए भी कोई कार्रवाई नहीं करती है।