बीमा का क्लेम अदा न करने पर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-1 ने बीमा कंपनी को सेवा में कोताही का दोषी माना है।
फोरम ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को क्लेम के पांच लाख रुपये के अलावा 25 हजार रुपये बतौर मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करें। यह फैसला उपभोक्ता फोरम-1 के अध्यक्ष पीएल आहूजा और सदस्य रजिंदर सिंह गिल और सुरजीत कौर ने दिया।
शिकायतकर्ता सेक्टर-46 निवासी रविंदर सिंह भल्ला ने द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और इसके सीनियर डिवीजनल मैनेजर और मैनेजर के खिलाफ शिकायत की थी।
यह है मामला
शिकायतकर्ता ने बीमा कंपनी से पांच लाख रुपये की 31 जुलाई 2012 को पीएनबी रॉयल मेडिक्लेम पॉलिसी स्वयं, अपनी जीवन साथी और बेटे के लिए ली थी। इसके लिए छह हजार 830 रुपये प्रीमियम भी जमा कराया।
यह बीमा किसी भी नर्सिंग होम और अस्पताल में मेडिकल/सर्जिकल खर्च के लिए था। आठ जुलाई 2013 को उनकी तबीयत खराब हुई और उन्हें सेक्टर-32 के जीएमसीएच में दाखिल कराया गया।
वहां से उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। वहां से उन्हें फोर्टिस अस्पताल मोहाली भेज दिया गया। फोर्टिस अस्पताल में उनका हार्ट का आपरेशन हुआ।
इस पर उनका पांच लाख 52 हजार 296 रुपये खर्च हुए। इस संबंध में बीमा कंपनी से क्लेम किया गया। लेकिन, बीमा कंपनी ने क्लेम नहीं दिया। इस पर पॉलिसीधारक ने उपभोक्ता फोरम में अपील की।