24 घंटे से अधिक समय से हो रही बारिश से पंचकूला जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त है। अधिक पानी आने की वजह से कौशल्या डैम से 600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं चंडीगढ़ में सुखना लेक के फ्लड गेट खोल दिए गए हैं। मूसलाधार बारिश से शहर के कई क्षेत्रों में पानी लोगों के घरों में घुस गया है।
उधर, मोरनी हिल्स से पंचकूला जाने वाले दोनों मुख्य मार्ग के अलावा लोकल रूट्स पर भी जगह-जगह पहाड़ों से भारी मात्रा में मलबा सड़कों पर आ गिरा। मोरनी से बडीशेर, टिक्करताल, नीमवाला, ठंडोग सड़कों पर भूस्खलन से आवाजाही बंद है। रास्ते बंद होने के चलते स्थानीय ग्रामीण अपने घरों में कैद है। दर्जनभर से अधिक मुख्य सड़कों के किनारे बनाई गई सुरक्षा दीवारें भी ढह गई हैं। कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट चुका है।
इलाके के ग्रामीण नाराज है। उनका कहना है कि विकास के नाम पर इलाके को बर्बाद किया जा रहा है। जब मौसम में कुछ धूप खिलेगी तो पहाड़ों पर और अधिक भूस्खलन होगा। इस विनाश की भरपाई कर पाना संभव नहीं है। रविवार को भी जिले में रुक-रुककर बारिश होती रही है। शहर के अभयपुर में पानी लोगों के घर में घुस गया है।
गांव टिब्बी में छत गिरी, पांच पशु मरे
गांव टिब्बी में भारी बारिश के कारण बड़ा हादसा हो गया। रविवार सुबह गांव टिब्बी में छत गिरने से पांच पशुओं की मौत हो गई। गांव वालों ने जेसीबी मशीनों की मदद से मृत पशुओं को बाहर निकाला। मकान मालिक अवतार और रामकुमार ने पुलिस को मामले की सूचना दी। वहीं कालका के अप्पर मोहल्ला में मकान नंबर 241 भारी बरसात के कारण अचानक ढह गया है। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ।