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...तो पंचकूला नगर निगम होगा भंग, फिर बनेगी परिषद!

Mon, 04 Dec 2017 12:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
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Panchkula municipal corporation
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शहरी स्थानीय निकाय विभाग के महानिदेशक ने अंबाला मंडल आयुक्त को पत्र लिखकर पंचकूला नगर निगम को भंग कर दोबारा नगर परिषद के गठन और पिंजौर-कालका क्षेत्र को अलग करने के संबंध में रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
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इस पत्र में कालका की विधायक लतिका शर्मा की ओर से की गई मांग का भी हवाला दिया गया है। एक दिन पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पंचकूला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इस संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा था कि कैबिनेट की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

इस संबंध में सरकार के आदेश के मुताबिक गठित समिति की बैठक कर इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। इसके तहत कस्बा पिंजौर एवं कालका को नगर निगम, पंचकूला से अलग करने के अलावा पंचकूला में दोबारा नगर परिषद के गठन संबंधी रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट में प्रस्ताव, सिफारिशों के अलावा अन्य पहलुओं को भी शामिल किया जाना है। यह रिपोर्ट 15 दिनों के अंदर निदेशालय को भेजे जाएंगे। इस मामले से संबंधित कमेटी में उपायुक्त, जिला टाउन प्लानर, शहरी निकाय विभाग के डायरेक्टर, पंचायत एवं और निगम के प्रतिनिधि शामिल हैं।
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27 गांवों में ठप हो गए विकास कार्य 
कालका विधायक लतिका शर्मा ने पत्र लिखकर सरकार को कहा था कि पिछली सरकार ने दुर्भावनावश कालका हलके के पिंजौर व कालका को नगर निगम पंचकूला में शामिल कर दिया। इन कस्बों को नगर निगम में शामिल करने से क्षेत्र का विकास कार्य ठप हो गया है। लोगों को अपनी समस्याओं को लेकर पंचकूला के चक्कर काटने पड़ते हैं। क्षेत्र के 27 गांवों की हालत खराब है, नतीजतन पिंजौर व कालका को नगर निगम के दायरे से बाहर करते हुए पहले की तरह पिंजौर-कालका में नगर परिषद या नगर पालिका बनाने की मांग की गई है।

नगर निगम का दायरा काफी बड़ा है, ऐसे में परिषद के गठन से पिंजौर, कालका और पंचकूला के विकास कार्यों में तेजी आएगी। नगर निगम, पंचकूला के गठन से कोई खास फायदा नहीं हुआ है, ऐसे में बेहतर विकास के लिए यह पहल की गई है।
-ज्ञानचंद गुप्ता, विधायक, पंचकूला 

नगर निगम के गठन के बाद जुलाई 2018 में कार्यकाल पूरा होगा। सुप्रीम कोर्ट आदेश के मुताबिक गठन के पांच वर्ष बाद ही किसी तरह का बदलाव किया जा सकता है। कार्यकाल पूरा होने के बाद इस दिशा में पहल होनी चाहिए। आबादी और क्षेत्र के मुताबिक ही नगर निगम का गठन किया गया था। 
-उपिन्दर कौर अहलूवालिया, मेयर, पंचकूला
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