बहुचर्चित समझौता ब्लास्ट मामले की शुक्रवार को पंचकूला की स्पेशल एनआईए कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में असीमानंद समेत सभी आरोपी प्रत्यक्ष रूप से पेश हुए। लेकिन बयान दर्ज करवाने के लिए पाकिस्तान से एक भी गवाह कोर्ट में पेश नहीं हुआ। इसी के चलते कोर्ट की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। इस मामले में 13 पाकिस्तानी गवाह हैं, जिनकी गवाही होनी बाकी है।
वहीं, कोर्ट ने पाकिस्तानी गवाहों के बयान दर्ज करवाने को लेकर पिछले डेढ़ साल से एंबेसी के जरिए गवाहों को कई बार समन जारी किए, लेकिन आज तक पाकिस्तान से कोई गवाह अपनी गवाही देने नहीं पहुंचा। 18 फरवरी 2007 को दिल्ली से चलकर अटारी से पाकिस्तान जाने वाली समझौता एक्सप्रेस में एक विस्फोट हुआ था।
इस ट्रेन में विस्फोट चांदनी बाग थाने के तहत सिवाह गांव के दीवाना स्टेशन के पास हुआ था। विस्फोट में करीब 68 लोगों को मौत हुई थी। वहीं, 13 लोग घायल हुए थे। इस हादसे में ज्यादातर मारे गए लोग पाकिस्तान के थे। ब्लास्ट के सभी आरोपियों के खिलाफ पंचकूला की एनआईए कोर्ट में केस चल रहा है।