पड़ोसी देश कितना ‘शरीफ’ है। इसका अंदाजा आप लगा सकते हैं। तीन महीने पहले पाकिस्तान ने भारतीय टमाटर पर इस लिए प्रतिबंध लगाया था क्योंकि उन्हें लगा कि भारत के लाल टमाटर खाने के योग्य नहीं है। लेकिन अब पाक को भारत के साथ व्यापार करने में इतनी मिर्च लगी कि हरी मिर्च पर प्रतिबंध लगा दिया। ऐसे में कानपुर के व्यापारियों को हरी मिर्च के कारोबार करने के लिए पाकिस्तान के साथ हुए एग्रीमेंट का भी ख्याल नहीं रखा और हरी मिर्च के लोड कई ट्रक वापस भेज दिए।
पाक हुकूमत ने कह दिया है कि भारतीय मिर्च खाने लायक नहीं। ऐसे में पाक ने उत्तर प्रदेश व राजस्थान के कारोबारियों को बड़ा झटका लगा है। इसके पहले 2017 में पड़ोसी देश ने भारतीय टमाटर व सोयाबीन के अलावा इंडियन मसालों व मूंगफली दाने को पाकिस्तान ने लेने से इंकार कर दिया था पाक का तर्क था कि भारत के तरफ से आ रही इन चीजों में बीमारी के कीटाणु हैं, यह खाने के लायक नहीं।
द फेडरेशन आफ करियाना एंड ड्राईफ्रूट कामर्शियल एसोसिएशन मजीठ मंडी के प्रधान अनिल मेहरा कहते हैं कि भारतीय खाद्य उत्पादों को अपने देश में प्रतिबंधित करना पाक की बुरी नीयत को दर्शाती है। मौजूदा में पाक की तरफ से एकतरफा कारोबार में सिर्फ पाक से सामान मंगवाया जा रहा है। अब मंथन का समय है और अगर पाक ही हमारे साथ कारोबार नहीं करना चाहता तो हमें भी इसका जवाब देना चाहिए। मेहरा ने बताया कि पाक सरकार ने अपने सेहत विभाग को पूरी तरह से डम्मी बना रखा और वाघा (पाक) रेलवे स्टेशन पर तैनाती इसी लिए की है कि भारतीय खाद्य उत्पादों पर न खाने लायक का ठप्पा लगा कर वापस भारत भेजा जाए।