चंडीगढ़ में अदाकार मंच मोहाली व पंजाब संगीत नाटक अकादमी की तरफ से हमसाया नाम से चल रहे थिएटर फॉर पीस फेस्टिवल के तहत मंगलवार को भीष्म साहनी के नाटक ‘कबीरा खड़ा बाजार में’ का मंचन किया गया। इस नाटक को पाकिस्तान के अजोका थिएटर ग्रुप के कलाकारों ने पेश किया।
नाटक में कबीरा खड़ा बाजार में, सबकी मांगे खैर, न काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर जैसे कई दोहों के जरिए मानव जाति को एकजुट होकर रहने का संदेश दिया गया। नाटक की शुरुआत एक ऐसे समाज से होती है जहां के लोग जात-पांत, छूआछूत, ऊंच नीच, ढोंग आडंबर और भेदभाव जैसी कुरीतियों में फंसे होते हैं। केवल धालीवाल द्वारा निर्देशित इस नाटक में कबीरदास के जीवन और उनकी शिक्षाओं का वर्णन किया गया। इस नाटक का सशक्त पक्ष कबीर की निर्गुण रचनाएं थीं, जिसने सब पर गहरा प्रभाव छोड़ा।
नाटक में कबीर का रोल उस्मान जिया, लोई (कबीर की पत्नी) - नायाब फैजा, कबीर की मां समीना भट्ट, सुल्तान लोधी- सुहेल तारिक, मुल्ला फहाद हाशमी, पंडित नवील भट्ट, पुरोहित सुजात हैदर, धर्मदास कासिर खान, इब्राहिम जावेद सरफराज, भगत बिलाल मुगल, कोतवाल का रोल उस्मान चौधरी ने किया। म्यूजिक पर अनाम जहीर, अदनान जॉन जैसे कलाकार थे। इस नाटक को भीषम साहनी ने लिखा है।