पदमभूषण साहित्यकार सरदार अंजुम का वीरवार को लंबी बीमारी बाद निधन हो गया। उन्होंने आखिरी सांस शाम 5.45 पर फोर्टिस अस्पताल में ली। उनकी मृत्यु की सूचना मिलते ही उनके परिवारिक मेंबर और जानकार अस्पताल पहुंच गए।
अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक उन्हें गंभीर हालत में 26 मई को अस्पताल में भरती करवाया गया था। वह इंट्राक्रेनियल ब्लीड का सामना कर रहे थे। वहीं, काफी समय से आईसीयू में ही चल रहे थे। अस्पताल के प्रवक्ता का कहना है कि उनके मस्तिष्क से लगातार खून बह रहा था।
हालांकि अस्पताल की तरफ से उनकी देखभाल में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। परंतु उन्हें बचाया नहीं जा सका। वहीं, वह मधुमेह और डायबिटीज के पेशेंट भी रहे चुके हैं। जिक्रयोग है कि इससे पहले भी अंजुम को फोर्टिस अस्पताल में भरती करवाय गया था। तब उनके पैर का आपरेशन किया गया।
उन्हें गैंगरीन जैसा कोई घातक रोक हो गया था। इस दौरान उन्होंने मीडिया से कहा था कि पंजाब सरकार के अफसर उनकी सुध नहीं ले रहे है। जैसे ही मामला सामने आया था तो खुद मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अंजुम को पांच लाख रुपये देने की घोषणा की थी।