हरियाणा में पांच साल बाद एक बार फिर से रोडवेज कर्मचारियों के लिए ओवरटाइम शुरू किया गया है। हालांकि, इस बार सरकार ने कुछ शर्तें जोड़ दी हैं। एक तो शुरुआत में यह ओवरटाइम आगामी तीन माह के लिए लागू होगा या फिर जब तक हरियाणा कौशल रोजगार निगम की ओर से चालक और परिचालकों की उपलब्धता नहीं कराई जाती।
विभाग ने तय किया है कि किसी भी कर्मचारी को एक माह में 60 घंटे का ओवरटाइम ही दिया जाएगा। साथ ही मासिक वेतन के 50 प्रतिशत से अधिक ओवरटाइम नहीं दिया जाएगा। अगर कहीं पॉलिसी की अवमानना होती है तो संबंधित डिपो के निरीक्षक या यातायात प्रबंधक, लेखाधिकारी व जीएम के वेतन से वसूली होगी। इस संबंध में परिवहन विभाग ने सभी महाप्रबंधकों को पत्र जारी किया है।
बेड़े बढ़ी 2200 नई बसों के संचालन और रोडवेज यूनियनों की मांग को देखते हुए विभाग ने यह फैसला लिया है। इस समय रोडवेज में चालकों और परिचालकों की कमी है। विभाग ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम से 1190 परिचालकों की मांग की है।
ये हैं शर्तें
- ओवरटाइम केवल लंबे मार्ग या अंतरराज्यीय मार्गों पर दिया जाएगा
- बसों का संचालन 350 किलोमीटर प्रतिदिन होना चाहिए
- लंबे रूटों पर कनिष्ठ चालकों और परिचालकों को तैनात किया जाएगा
- 2016 में आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट 2 के तहत लगे चालकों के लिए यह मान्य नहीं होगा
- चालक परिचालकों को साप्ताहिक अवकाश देना होगा, लगातार 10 दिन से अधिक काम नहीं होगा
- ड्यूटी समाप्त होने और अगले दिन ड्यूटी शुरू होने में के मध्यम 9 घंटे का आराम जरूरी है
- सभी डिपो में कमेटी चालक परिचालकों के ओवरटाइम की समीक्षा करेंगी
- प्रत्येक सप्ताह ओवरटाइम का आडिट किया जाएगा
- अन्य ड्यूटी पर तैनात कर्मी को मुख्यालय की अनुमति के बिना नहीं लगाया जाएगा
- ओवरटाइम पर खर्च का अलग से ब्योरा देना होगा
मार्च में परिवहन मंत्री से रखी थी मांग
मार्च में परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा और हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा के बीच हुई बैठक में रोडवेज कर्मियों की कई मांगों पर सहमति बनी थी। इसमें ओवरटाइम शुरू करने की मांग भी शामिल थी। मंत्री के आशवासन पर यूनियन ने आंदोलन वापस ले लिया था।