चंडीगढ़ गोल्फ क्लब में होम ग्राउंड है। यहीं से मैंने गोल्फ की बारीकियां सीखीं और इसके बाद इंटरनेशनल लेवल पर देश का नाम रौशन किया। अब एक कोच की भूमिका में मेरा लक्ष्य है कि इस गोल्फ क्लब से अधिक से अधिक टैलेंट उभर कर सामने आए। यह कहना है अर्जुन अवार्डी हरमीत काहलों का जो बुधवार को चंडीगढ़ गोल्फ क्लब 6 जुलाई से पहली गोल्फ चैंपियनशिप के लिए आयोजित प्रेस वार्ता में शामिल हुए।
इस मौके पर जूनियर लेवल पर खेली जाने वाली चैंपियनशिप का लोगों पांच वर्षीय गोल्फर ओजस्वनी और फतेहवीर सिंह ने चंडीगढ़ गोल्फ क्लब के प्रधान बीरेंद्र सिंह गिल की उपस्थिति में किया। गिल ने कहा कि क्लब की ओर से जूनियर ट्रेनिंग प्रोग्र्राम के तरह 5 इवेंट अगले सात महीने में आयोजित करवाने जा रहे हैं।
इस टूर्नामेंट में गोल्फ क्लब के सदस्यों के अलावा कोई भी खिलाड़ी खिलाड़ी हिस्सा ले सकता है। पंचकूला गोल्फ क्लब, सीजीए गोल्फ रेंज, मोहाली गोल्फ रेंज, बहादुरगढ़ ग्र्रीन गोल्फ क्लब और चंडीगढ़ गोल्फ क्लब में खिलाड़ी 5 जुलाई को दोपहर 2 बजे तक जमा करवा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जिन खिलाड़ियों के पास गोल्फ किट नहीं है, उन्हें गोल्फ किट भी मुहैया करवाई जाएगी। जूनियर गोल्फर ट्रेनिंग प्रोग्र्राम के चेयरमैन जसपाल सिंह सिद्धू ने बताया कि इस टूर्नामेंट में अलग-अलग आयु वर्ग के हिसाब से गोल्फर को ए, बी, सी, डी और ई ग्रुप में बांटा जाएगा और उसी हिसाब से टूर्नामेंट में करवाया जाएगा।
बुधवार को पहली गोल्फ चैंपियनशिप के पोस्टर को लांचिंग करने वाले फतेहबीर और ओजस्वनी जूनियर चैंपियन हैं। फतेहवीर विवेक हाई स्कूल में प्री-नर्सरी में पढ़ते हैं। फतेह डेढ़ साल से गोल्फ खेल रहे और मोहाली गोल्फ क्लब में अर्जुन आवार्डी हरमीत काहलों के ट्रेनी हैं।
फतेह अब तक 13 टूर्नामेंट में जीत दर्ज कर चुके हैं। ओजस्वनी मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल मोहाली में केजी की छात्रा हैं। वह 3 साल से मोहाली गोल्फ क्लब में प्रैक्टिस कर रही हैं, ओजस्वनी अंडर-8 कैटेगरी में खेलती हैं और अब तक दो बार यंगस्टर्स अवार्ड हासिल कर चुके हैं। ओजस्वनी के पिता भी गोल्फर हैं।