चंडीगढ़। सेक्टर 18 के टैगोर थिएटर के मिनी ऑडिटोरियम में बुधवार को आनेवाले साल 2026 को सलाम नाम से मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। यह आयोजन इबारत एन इंटरनेशनल लिटरेरी सोसाइटी की ओर से हुआ। इबारत के अध्यक्ष कवि और शायर नवीन नीर ने बताया कि इस आयोजन में लखनऊ, बदायूं, गाजियाबाद, इंदौर, लुधियाना, दिल्ली और चंडीगढ़ से कवि और शायरों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
बदायूं से आए वसीम नादिर ने सफर में जिंदगी के मैं जरा सा लड़खड़ाया था, मुझे ठोकर लगाने फिर कई पत्थर निकल आए पेश कर वाहवाही के साथ तालियां बटोरी।
लखनऊ से आए डॉ. जुबेर अंसारी ने शाद कर सकता है आबाद भी कर सकता है, हो बुरा वक्त को इमदाद भी कर सकता है पेश किया। गाजियाबाद से आए असलम राशिद ने बिछड़े थे जिसके वजह से सीता से रामजी, मैं उस हिरण को राम कहानी से खींच लूं पेश कर तालियां बटोरी। इंदौर से आए तजदीद साकी ने ये फसल सिर्फ पसीने से थोड़ी फूटी है, मैं इसमें खून का छिड़काव करके आया हूं पेश किया। सलमान सईद ने हमारे दोस्तों का बचपना नहीं जाता, जरा- सी बात पे पिछला हिसाब होने लगा पेश कर वाहवाही लूटी।