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बदली व्यवस्था: एप और क्यूआर कोड से होंगे ऑर्डर, ग्राहक के उठते ही टेबल होगा सैनिटाइज

Fri, 04 Sep 2020 10:45 AM IST
ajay kumar रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • कोरोना ने बदला बार का कल्चर: पांच महीने बाद रेस्टोरेंट और होटल में बार खुलने शुरू 
  • फिलहाल ग्राहकों की कमी लेकिन मालिकों के खर्चे कई गुना बढ़े, बदली नजर आएगी व्यवस्था 
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एलांते मॉल स्थित पिरामिड कैफे। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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करीब पांच महीने बाद शहर के होटलों और रेस्टोरेंट में बार खुलने लगे हैं लेकिन यहां की व्यवस्था अब पूरी तरह से बदली-बदली है। अब ऑर्डर के लिए पहले की तरह टेबल पर मेन्यू कार्ड नहीं दिखाई देंगे। कुछ रेस्टोरेंट्स ने मोबाइल एप तैयार किए हैं, जिसके जरिए ग्राहक अपना ऑर्डर दे सकेंगे, वहीं कुछ ने ऑर्डर के लिए क्यूआर कोड की व्यवस्था की है। मोबाइल से क्यूआर कोर्ड को स्कैन करने पर बार का पूरा मेन्यू व रेट चार्ट मोबाइल पर खुल जाएगा।      

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एलांते मॉल स्थित पिरामिड कैफे के सीईओ और नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के पंजाब-हरियाणा चैप्टर के हेड सनवीर सोंधी ने बताया कि कोरोना वायरस ने बार कल्चर को पूरी तरह बदल दिया है। स्थिति को देखते हुए कैफे व बार ने भी काफी बदलाव किए हैं। उन्होंने बताया कि पिरामिड कैफे में किसी को भी पारंपरिक मेन्यू कार्ड नहीं दिया जाएगा, बल्कि कैफे के एप के जरिए ग्राहक अपना ऑर्डर देंगे। यही नहीं ऑर्डर के साथ बिल भी अपने ही आप कटेगा। 

ग्राहक के उठने के बाद हर टेबल को सैनिटाइज किया जाएगा। कैफे में इस्तेमाल किए जाने वाले बर्तनों को भी यूवी रेज से सैनिटाइज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि ग्राहकों के साथ कम से कम शारीरिक संपर्क हो। इसके अलावा कई कर्मचारी भी जो अपने घरों को जा चुके हैं, उन्हें भी बुलाने में काफी खर्च करना पड़ रहा है। सनवीर ने कहा कि अभी ग्राहक पहले की तरह नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना की वजह से सैनिटाइजेशन आदि के खर्चे काफी बढ़ गए हैं फिर भी अभी ग्राहकों की सहूलियत पर ज्यादा ध्यान है। अभी कीमत आदि बढ़ाने का कोई विचार नहीं है। 

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चंडीगढ़ होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंदर पाल सिंह ने कहा कि बार खुलने की इजाजत मिलने के बाद से कुछ राहत जरूर महसूस की है। कोरोना की वजह से रेस्टोरेंट काफी बदलाव करने पड़े हैं। ज्यादातर रेस्टोरेंट्स ने पारंपरिक मेन्यू कार्ड को खत्म कर दिया है। मेन्यू कार्ड को या तो अब ऑनलाइन कर दिया गया है या फिर क्यूआर कोड तैयार किए गए हैं, जिसे ग्राहक स्कैन करेंगे तो रेस्टोरेंट का मेन्यू आ जाएगा। इसके अलावा टेबल को दूर-दूर किया गया है। निशान बनाए गए हैं। हर व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। 

बार खुले लेकिन खर्चे काफी बढ़ गए 
शहर के बड़े होटल व्यवसायी व चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रेसिडेंट एमपीएस चावला ने बताया कि प्रशासन ने भले ही बार खोलने की इजाजत दे दी है लेकिन ग्राहकों की काफी कमी है। उन्होंने कहा कि सैनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेंसिंग आदि को बरकरार रखने में काफी खर्च करना पड़ रहा है। होटलों में कई तरह के बदलाव करने पड़े हैं। 

लॉकडाउन के बाद से कारोबार बंद है। खर्चे पहले की तरह ही कायम हैं जबकि आमदनी जीरो हो चुकी है। बिजली के बिल से लेकर अन्य तमाम खर्चे उठाने पड़ रहे हैं। शादी विवाह के कार्यक्रम बंद हैं। छोटी-बड़ी पार्टियां भी नहीं हो रही हैं। लोग अभी भी कम ही रेस्टोरेंट में आ रहे हैं। यह पूरा साल खराब हो गया है।  

विभाग को मिला करोड़ों का राजस्व  
यूटी प्रशासन की तरफ से होटल और रेस्टोरेंट में बार खोलने की इजाजत देने के दो दिन के अंदर एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग को करीब चार करोड़ की आमदनी हुई है। एल थ्री, एल फॉर और एल फाइव लाइसेंस के 110 धारक हैं, जिसमें से करीब 80 से ज्यादा अपनी फीस जमा करवा दी है। 

मंगलवार को लाइसेंस फीस के रूप में को दो करोड़, बुधवार और गुरुवार को करीब एक-एक करोड़ रुपये की राशि विभाग के पास जमा हुई है। एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग ने इस काम के लिए विशेष टीमें लगाई हुई हैं, ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। गौरतलब है कि शहर में होटल, रेस्टोरेंट में चल रहे बार भी प्रशासन की कमाई का प्रमुख साधन है, क्योंकि इनके बंद होने से होटल, रेस्टोरेंट को तो घाटे का सामना करना ही पड़ रहा था।
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