-मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक हफ्ते में इंजीनियरिंग, फायर सेफ्टी, अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी की मदद से चेकिंग के लिए कहा
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। दिल्ली में ओल्ड राजेंद्र नगर कोचिंग सेंटर की बेसमेंट में हुए हादसे को देखते हुए पंजाब सरकार भी सतर्क हो गई है। विशेष तौर पर लुधियाना, मोहाली, पटियाला, जालंधर, अमृतसर और अन्य जिलों में कॉमर्शियल बिल्डिंग की बेसमेंट में चल रही गैर कानूनी गतिविधियाें को तत्काल बंद करने के विभागीय आदेश जारी किए हैं।
पंजाब के मुख्य सचिव अनुराग वर्मा ने प्रदेश के सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नर को अपने एरिया में बिल्डिंगों की बेसमेंट में चल रही गैर कानूनी या बिना मंजूरी के कॉमर्शियल गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए कहा है। दिल्ली में एक बिल्डिंग की बेसमेंट में बरसात का पानी जमा होने के कारण तीन विद्यार्थियों की डूब कर मौत हो गई थी। पंजाब के हर जिले के डीसी को एक हफ्ते के अंदर अपने एरिया में इंजीनियरिंग, फायर सेफ्टी, अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी और पुलिस कमिश्नरेट की मदद से चेकिंग के आदेश दिए हैं।
एक हफ्ते के अंदर देनी होगी इंस्पेक्शन रिपोर्ट
हर जिले के डीसी से एक हफ्ते के अंदर के इंस्पेक्शन रिपोर्ट मांगी गई है। प्रत्येक डीसी को यह इंस्पेक्टर रिपोर्ट तैयार कर सीएम को भेजनी होगी। जिन इमारतों में बिना मंजूरी, फायर सेफ्टी एनओसी और बिल्डिंग रूल्स को ताक पर रख कर सेवाएं मुहैया कराई जा रही हैं, उन्हें तत्काल नोटिस जारी कर बंद करने के लिए कहा गया है। सरकार के इस आदेश पर वीरवार को डीसी लुधियाना ने पहल करते हुए अपने एरिया में संबंधित विभाग के अधिकारियों को आदेश जारी भी कर दिए।
कई इमारतों के पास फायर सेफ्टी एनओसी तक नहीं
प्रदेश के बड़े जिलाें जैसे अमृतसर, लुधियाना, मोहाली, पटियाला, जालंधर और अन्य जिलों में कॉमर्शियल और इंडस्टि्रयल बिल्डिंगों के पास फायर एनओसी तक नहीं है। समय-समय पर इन इमारतों को नोटिस जारी किए जाते हैं, लेकिन फायर सेफ्टी और बिल्डिंग रूल्स को ताक पर रखकर सेवाएं संचालित कर रहे इन संचालकों पर कार्रवाई नहीं की जाती।