अब कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 65 वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारी काम नहीं करेंगे। इस संबंध में केयू के कार्यकारी कुलपति हरदीप सिंह ने सभी विभागों में पत्र भेजकर यूनिवर्सिटी के इस फैसले की जानकारी दी है।
पत्र जारी होने के बाद सभी विभागों के विभागाध्यक्षों ने 65 व उससे अधिक उम्र के कर्मियों को रिलीव करना शुरू कर दिया है। अब तक केयू में कार्यरत 25 कर्मियों को रिलीव कर दिया गया है। वहीं केवल एक सप्ताह पहले बने कार्यकारी कुलपति की इस कार्रवाई से यूनिवर्सिटी कैंपस में चर्चा का दौर बढ़ गया है।
गौरतलब है कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में पहले रिटायर्ड होने वाले कर्मचारियों को उसी विभाग द्वारा डीसी रेट पर रख लिया जाता था, इससे एक तो केयू प्रशासन को वेतन के साथ अनुभव का फायदा होता था। बृहस्पतिवार को रिलीव हुए श्याम प्रसाद शर्मा ने बताया कि वे तो अपने अनुभव का प्रयोग केयू की सेवाओं में कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जो कार्य वे करते हुए रिलीव हुए है इस कार्य को किसी अन्य कर्मी को करने में अनुभव की जरूरत पड़ेगी। जिसमें कुछ समय जरूर लगेगा। तब तक केयू में कार्य कुछ न कुछ तो प्रभावित होगा ही।
काम होगा प्रभावित और बढ़ेगा बोझ
केयू के जारी रिलीव आर्डर के चलते यूनिवर्सिटी के विभागों खासकर परीक्षा शाखा का कार्य तो प्रभावित होगा और इन सबके जाने से ओर कर्मियों पर काम का बोझ भी बढे़गा। जहां पहले भी केयू में परीक्षा परिणाम लेट आने देने का ठप्पा तो लग ही चुका है वहीं, इस कार्रवाई से परीक्षा परिणामों का थोड़ा ओर लेट होना लाजिमी है।
पहले ही 3000 कमियों का काम करते है 1600 कर्मी
यूनिवर्सिटी में पिछले कई वर्षों से नई नियुक्ति न होने के कारण 3000 कर्मियों का काम अब केवल 1600 गैर शिक्षक कर्मी ही पूरा कर रहे है। पिछले कई माह से आउटसोर्सिंग कर्मी भी पुन: नौकरी की बाट जोह रहे है और केयू द्वारा दो बार जारी विज्ञप्ति के बाद भी नई भर्ती नहीं हो पाई है।
काम कहता नहीं करने में विश्वास: कुलपति
केयू के नवनिर्वाचित कार्यकारी कुलपति हरदीप सिंह ने बताया कि वे काम कहते नहीं है बल्कि काम करने में विश्वास रखते है। उनके अनुसार केयू में जिन कर्मियों ने अपने 65 वर्ष का अनुभव दिया है। अब समय आ गया है कि वे सब अपने घर पर आराम करें। ताकि नए लोगों को केयू में कार्य करने का मौका मिले। उन्होंने कहा कि समय रहते ही केयू में नई नौकरियां निकाली जाएगी।