पूर्व विधायक के बेटे का नाम आया सामने, जांच अफसर ने जांच को गलत दिशा में लेकर जाने के लिए दबाव बनाने का लगाया था आरोप
जांच अधिकारी के खिलाफ ही हुआ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज, जांच स्थानांतरित करने की मांग
-दुष्कर्म व भ्रष्टाचार दोनों मामलों की जांच के लिए आईजी रेवाड़ी रेंज को एसआईटी गठित करने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। दुष्कर्म के मामले में जांच अधिकारी पर पूर्व विधायक के बेटे के द्वारा दबाव बनाने और बाद में इसकी शिकायत देने वाली जांच अधिकारी पर भ्रष्टाचार के मामले में एफआईआर दर्ज होने के मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जांच के लिए एसआईटी गठित करने का रेवाडी़ रेंज के आईजी को आदेश दिया है। हाईकोर्ट में एडवोकेट संवर अली के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए पीड़िता ने दुष्कर्म के मामले में जांच किसी बाहरी एजेंसी को सौंपने की अपील की थी। याची ने बताया था कि उसका विवाह 12 मार्च 2023 को हुआ था और जुलाई में उसके पति के भाई ने उससे दुष्कर्म किया। इस बारे में जब याची ने अपने ससुराल वालों को बताया तो उन्होंने याची को चुप रहने को कहा लेकिन याची ने पुलिस को शिकायत दे दी। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है लेकिन याची के ससुराल वाले प्रभावशाली लोग हैं और ऐसे में जांच किसी बाहरी एजेंसी को सौंपी जाए। इस मामले में जब हाईकोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट मांगी तो जांच अधिकारी ने बताया कि उस पर जांच को गलत दिशा में लेकर जाने का दबाव बनाया गया और एक नंबर से उसे कॉल भी आई थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने एसपी नूंह को जवाब दाखिल करने का आदेश जारी किया था। यह नंबर पूर्व विधायक का बेटा इस्तेमाल कर रहा था लेकिन एसपी ने अपने हलफनामे में कहा कि उन्होंने केवल निष्पक्ष जांच के लिए फोन किया था। इसी बीच जांच अधिकारी ने हाईकोर्ट को बताया कि उसके खिलाफ इस मामले में लगातार वरिष्ठ अधिकारी दबाव बना रहे थे और जब वह नहीं मानी तो उसके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में एफआईआर दर्ज कर दी गई। हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए अब दुष्कर्म के मामले और जांच अधिकारी पर दर्ज भ्रष्टाचार के मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का रेवाडी़ रेंज के आईजी को आदेश दिया है।