चंडीगढ़। सड़क हादसे में बाइक सवार की मौत के मामले में मोटर एक्सीडेंटल ट्रिब्यूनल ने याचिकाकर्ता मृतक की पत्नी और उसके परिवार को 58 लाख 59 हजार रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। याची ने मामले में गाड़ी के चालक हनुमंत, पंचकूला पुलिस विभाग और बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस को भी पार्टी बनाया था।जानकारी के अनुसार 6 जुलाई 2020 को दलजीत सिंह की पत्नी नरेंद्र कौर ने हनुमंत एवं अन्य के खिलाफ मोटर एक्सीडेंटल ट्रिब्यूनल में हादसे को लेकर याचिका डाली थी। उसने अपनी याचिका में बताया कि दलजीत सिंह मोहाली फेज 4 में मोटरसाइकिल पर सवार होकर मार्केट की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सुबह करीब 8:30 बजे मोहाली फेस- 3/4 के लाइट प्वाइंट को पार करते समय हरियाणा नंबर की तेज रफ्तार बोलेरो जीप ने उसकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिसके चलते वह गिर कर गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद उसे तुरंत मोहाली फेज 4 स्थित चावला अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई रेफर कर दिया गया। जहां पीजीआई पहुंचने पर उसकी मौत हो गई। आरोपों के मुताबिक हादसा बोलेरो चालक की लापरवाही के चलते हुआ। मामले में पुलिस ने दलजीत सिंह के पीछे मोटरसाइकिल पर जा रहे हरिंदर सिंह की शिकायत पर आरोपी चालक हनुमंत के खिलाफ केस दर्ज किया था।
हादसे का शिकार हुए 40 वर्षीय दलजीत सिंह ने मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा कर रखा था। वे फतेहगढ़ साहिब स्थित श्री गुरु ग्रंथ साहिब विश्वविद्यालय में 40 हजार प्रतिमाह के वेतन पर डाटा ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। याचिकाकर्ता पत्नी और उनके बच्चे अपने जीवन यापन के लिए पूरी तरह से दलजीत सिंह पर निर्भर थे। घटना में पति की मौत के बाद याचिकाकर्ता ने 12 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से 70 लाख रुपये मुआवजे की मांग करते हुए मोटर एक्सीडेंटल ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी। मामले में सामने आए तथ्यों के आधार पर अदालत ने याचिकाकर्ता को 58 लाख 59 हजार रुपये मुआवजा के साथ 9 प्रतिशत ब्याज देने के आदेश दिए हैं। मुआवजे की रकम का 70 प्रतिशत याचिकाकर्ता पत्नी को और 30 प्रतिशत नाबालिग बच्चे को देने के आदेश दिए हैं।