हुड्डा ने कहा कि उनकी सरकार के दौरान तो धान 6,000 रुपये प्रति कुंतल बिकता था, किसान बहुत खुश थे, अब धान की खरीद न होने के कारण किसान को बहुत नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसान किसी तरह से अपने आपको अकेला न समझें, कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है। हम सब मिलकर किसानों की लड़ाई लड़ेंगे।
हर वर्ग के त्रस्त होने के कारण ध्वस्त हुआ 75 पार का नारा: अभय
इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। 21 अक्टूबर के बाद से जीरी की सरकारी खरीद बंद कर दी गई है और किसान बुरी तरह से परेशान हैं। किसानों को बासमती जैसे मुच्छल तथा 1121 किस्म की जीरी के भाव भी बुरी तरह से पिट गए हैं। कपास के भाव में भी उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
एक तरफ तो देश के प्रधानमंत्री 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ आज किसानों को अपनी फसलों के निर्धारित भाव भी नहीं मिल रहे। फसलों की खरीद भी नहीं हो रही है।
चाहे किसान हो या कर्मचारी, प्रदेश का हर वर्ग पहले से ही भाजपा सरकार से त्रस्त है, इसके चलते ही वोटर्स ने भाजपा के 75 पार के नारे को ध्वस्त कर अल्पमत में ला खड़ा किया। इनेलो मांग करती है कि प्रदेश सरकार तुरंत किसानों की फसलों को उचित दामों पर खरीद कर राहत पहुंचाए।