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Operation Kaveri: सूडान से लौटे पठानकोट के दो लोग, सुनाई आपबीती- ऐसा पहले कभी नहीं देखा

Mon, 01 May 2023 12:41 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट (पंजाब)

सार

12 साल पहले रोजगार की तलाश में सूडान गए सुखदेव सिंह और जतिंदर सिंह ने बताया कि पहले कभी वहां ऐसे हालात नहीं दिखे। सब ठीक चल रहा था। पिछले 15 दिन में वहां के हालात एकदम बदले और गृह युद्ध छिड़ गया। वहां खाने पीने के सामान की भारी किल्लत है और हर तरफ गोलीबारी हो रही है।
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सूडान से सकुशल लौटने वाले। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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सैन्य संघर्ष के बीच सूडान से सकुशल अपने घर पठानकोट पहुंचे लोगों ने वहां के हालात बयां किए। उन्होंने बताया कि हर तरफ गोलियों की बौछार और बमों से बचकर वह पठानकोट पहुंचे हैं। शहर के मोहल्ला चार मरला क्वार्टर निवासी सुखदेव सिंह और गांव अनूप शहर के जतिंदर सिंह ने बताया कि सूडान के हालात बदतर हो चुके हैं। 

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खाने-पीने का सामान नहीं, बिजली-पानी सब बंद है। वहां के लोग भयंकर हालात में रह रहे हैं। बता दें कि सुखदेव और जतिंदर को केंद्र सरकार ने अन्य भारतीयों के साथ 'ऑपरेशन कावेरी' के तहत विशेष विमान के जरिये सूडान से निकाला है। शनिवार को वह पठानकोट पहुंचे। जहां तहसीलदार लक्ष्मण सिंह ने दोनों से मुलाकात की। दोनों ने बताया कि सूडान में गृह युद्ध छिड़ने के बाद हालात सामान्य नहीं हैं। सभी देश अपने नागरिकों को वहां से निकालने में जुटे हैं। केंद्र सरकार विशेष विमान से वापस लाई है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है।

खाने-पीने के सामान और बिजली, पानी की भारी किल्लत
12 साल पहले रोजगार की तलाश में सूडान गए सुखदेव सिंह और जतिंदर सिंह ने बताया कि पहले कभी वहां ऐसे हालात नहीं दिखे। सब ठीक चल रहा था। पिछले 15 दिन में वहां के हालात एकदम बदले और गृह युद्ध छिड़ गया। वहां खाने पीने के सामान की भारी किल्लत है और हर तरफ गोलीबारी हो रही है। बिजली-पानी नहीं है और कोहराम मचा है। अभी सूडान में 1500 से ज्यादा भारतीय फंसे हैं। पूरा विश्वास है कि केंद्र सरकार उन्हें भी सकुशल वहां से निकाल लाएगी।

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