मोहाली। जिले में नशा तस्करों पर नकेल कसने के लिए रविवार को ऑपरेशन कासो चलाया गया। यह ऑपरेशन दोपहर साढ़े तीन से शाम सात बजे तक चला। उन संदिग्ध स्थानों पर रेड की गई जिन्हें मोहाली पुलिस ने सर्वे के दौरान चिह्नित किए थे। इस दौरान पुलिस को छह संदिग्ध मिले।
स्पेशल डीजीपी कानून-व्यवस्था अर्पित शुक्ला के निर्देश पर एसएसपी डॉ.संदीप कुमार गर्ग की अगुवाई में करीब 250 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने एरिया के विभिन्न स्थानों पर रहने वाले करीब 35 पुराने मादक पदार्थों के तस्करों के घरों पर दबिश दी। यह चेक किया कि मौजूदा समय में वह क्या कर रहे हैं?। कासो ऑपरेशन के तहत 104 घरों में भी तलाशी ली गई। पुलिस ने कुछ ऐसे लोगों की भी पहचान की है, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध पाई गई हैं।
पंजाब पुलिस ने लॉ एंड ऑर्डर के मद्देनजर अपनी विशेष घेराबंदी और तलाशी मुहिम (कासो) को जारी रखते हुए रविवार को जिले के सभी बस स्टैंडों पर चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस टीमों ने सूंघने वाले कुत्तों की मदद से बस अड्डों पर आने-जाने वाले लोगों की चेकिंग की। नशे के खिलाफ मुहिम में बीएसएफ की भी मदद ली जा रही है।
ऑपरेशन के नतीजों पर स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला ने बताया कि मोहाली के फेज-11, जगतपुरा के अलावा अन्य कॉलोनियों में रेड की थी। उनके साथ डीआईजी निलांबरी जगदले भी मौजूद थी। सभी एसएसपी को अपने-अपने जिलों के सभी बस अड्डों की अच्छी तरह से घेराबंदी करने और बारीकी से तलाशी लेने के लिए कहा गया था।
उन्होंने बताया कि इस काम के लिए पंजाब सरकार की ओर से 40 करोड़ रुपये का फंड मिला था। इस फंड से पंजाब के 50 किलोमीटर के सरहदी क्षेत्र में विशेष उपकरण मुहैया करवाए जा रहे हैं। 20 करोड़ रुपये की लागत से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। 10 करोड़ रुपये पैट्रोलिंग के लिए विशेष उपकरण लेने के लिए पंजाब पुलिस को दिए गए हैं।