ऑनलाइन सट्टेबाजी के इस गोरखधंधे में दुबई, जॉर्जिया, आर्मेनिया और मलेशिया से ऑपरेट करने वाले मास्टरमाइंड सीधे तौर पर गैंगस्टरों के संपर्क में थे। इनमें लॉरेंस बिश्नोई, रोपड़ जेल में बंद दीपू बनूड़ और बुड़ैल जेल में बंद देवेंद्र उर्फ काली शूटर जैसे गैंगस्टर शामिल हैं।
उत्तर भारत के सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के खुलासे के बाद इस मामले में कई चौंकाने वाले इनपुट सामने आए हैं। चंडीगढ़ में इस नेटवर्क के किंगपिन नंद किशोर उर्फ रिंकू को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और अन्य कुख्यात गैंगस्टरों का संरक्षण मिला था।
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इन गैंगस्टरों का इस्तेमाल सट्टे में हारे हुए पैसों की वसूली के लिए किया जाता था, खासकर जब कोई बड़ा कारोबारी या उद्योगपति लाखों-करोड़ों रुपये देने से इन्कार करता था। रिंकू को दो दिन पहले ही ईडी ने चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया था।
ऑनलाइन सट्टेबाजी के इस गोरखधंधे में दुबई, जॉर्जिया, आर्मेनिया और मलेशिया से ऑपरेट करने वाले मास्टरमाइंड सीधे तौर पर गैंगस्टरों के संपर्क में थे। इनमें लॉरेंस बिश्नोई, रोपड़ जेल में बंद दीपू बनूड़ और बुड़ैल जेल में बंद देवेंद्र उर्फ काली शूटर जैसे गैंगस्टर शामिल हैं। ये गैंगस्टर रिंकू और उसके नेटवर्क को संरक्षण देते थे और वसूली का काम संभालते थे।
आईपीएस चहल के आने से नेटवर्क में खलबली
सूत्रों के मुताबिक, जब आईपीएस कुलदीप सिंह चहल चंडीगढ़ के एसएसपी बने और बाद में मोहाली में कार्यरत रहे तब रिंकू, चिक्की और उसके नेटवर्क ने अपना काम लगभग समेट लिया था। रिंकू के करीबी लोगों ने बताया कि चहल के सख्त रुख के कारण इस नेटवर्क को संरक्षण देने वाले पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भी इनसे दूरी बनाए रखते थे।
600 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी और संपत्ति जब्त करने की तैयारी
आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन टीम ने रिंकू और उसके नेटवर्क से जुड़े करीब 60 आरोपियों की संपत्तियों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। विभाग ने इस मामले में अब तक 600 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी का अनुमान लगाया है। गैरकानूनी तरीके से कमाई गई इन संपत्तियों को जल्द ही जब्त करने की तैयारी है।