बेमौसम बारिश से तबाह किसानों की स्थिति पर कृषि मंत्री ओपी धनखड़ के संवदेनहीन बयान का किसानों ने तीखा जवाब दिया है। आत्महत्या करने वाले किसानों को कायर और अपराधी करार दिए जाने के धनखड़ के बयान की प्रदेश भर में निंदा की गई।
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किसानों ने धनखड़ के पुतले फूंके और मंत्री पद से इस्तीफे मांग की। हिसार में भारतीय किसान संघर्ष समिति ने कहा कि धनखड़ खुद कायर हैं। वहीं जिले देपल गांव में आत्महत्या करने वाले किसान के परिजनों व किसान संघर्ष समिति ने कहा कि धनखड़ आत्महत्या करे तो समाज उनके परिवार को पचास लाख मुआवजा देगा।
इनेलो ने की निंदा
उधर, इनेलो ने धनखड़ के बयान की निंदा की है। इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि कर्ज के बोझ से दबे किसान की जब फसलें बर्बाद हो जाती हैं तो लाचारी व बेबसी में उठाए आत्महत्या के कदम को कायरता कहना शर्मनाक है।
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हरियाणा वीरों की भूमि, यहां कोई आत्महत्या नहीं करता
फसल बर्बाद होने के चलते आत्महत्या कर रहे किसानों को कायर बताकर हरियाणा की भाजपा सरकार में कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने पार्टी की मुश्किल बढ़ा दी है। कृषि मंत्री ने अपने बयान में कहा कि आत्महत्या करने वाले लोग कायर होते हैं और सरकार जैसी कोई भी संस्था ऐसे कायरों के साथ खड़ी नहीं हो सकती है।
विपक्षी दलों की तीखी आलोचना के बावजूद धनखड़ अपने बयान पर कायम हैं। वहीं उनके इस बयान को लपकते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हमारे देश के किसान मंडियों में रो रहे हैं और हरियाणा के कृषि मंत्री आत्महत्या करने वाले किसानों को कायर बता रहे हैं।
उन्होंने कहा कि क्या मेक इन इंडिया अभियान केवल बड़े बिजनेसमैन और चंद पूंजीपतियों के लिए है। इस बीच भाजपा आलाकमान की नसीहत के बाद धनखड़ ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि वह अभी भी अपने पूर्व के बयान पर कायम हैं।
ओपी धनखड़ अपने बयान पर कायम
फसल बर्बादी के सदमे से खुदकुशी करने वाले किसानों को कायर और अपराधी कहने वाले हरियाणा के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ अपने बयान पर कायम हैं।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने अपने बयान की सफाई में फिर कहा कि खुदकुशी करने वाला किसान अपनी पत्नी और बच्चों पर बोझ ट्रांसफर करता है। हरियाणा वीरों की भूमि है, यहां कोई आत्महत्या नहीं करता है। हरियाणा के किसान सैनिकों एवं फौजियों के भी बाप हैं, जो सीने पर गोली खाते हैं।
धनखड़ ने कहा कि हाल ही दिल्ली में एक राजनीतिक दल ने तो एक किसान का पॉलिटिकली मोटिवेटेड मर्डर करवा दिया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि मोटीवेटिड मर्डर तथा प्रो.आत्महत्या माहौल न बनाया जाए। जब उनसे यह पूछा गया कि हरियाणा में प्रो.आत्महत्या माहौल कौन बना रहा है तो कोई जवाब नहीं दे सके।
आपदा में सरकार खड़ी है साथ में
जब धनखड़ से पूछा गया कि फसली नुकसान के कारण किसान आत्महत्या कर रहे हैं, सरकार उनके बारे में क्या कर रही है? इस पर उन्होंने कहा कि हरियाणा का आदमी ठाढ़ा (मजबूत) होता है। वह परिस्थितियों से जूझता है, लेकिन आत्महत्या नहीं करता है। आत्महत्या करने वालों को सरकार क्या किसान नहीं मानती है?
इसके जवाब में उन्होंने कहा कि जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, नुकसान भी होता है। आपदा की इस घड़ी में हमारी सरकार किसान के साथ खड़ी है। लेकिन ऐसे कमजोर, कायर और अपराधी लोगों के साथ कतई नहीं है जो अपनी जिम्मेदारी से भागते हुए जिंदगी का बोझ परिवार और बेकसूर पत्नी पर छोड़कर चले जाते हैं।
डैमेज कंट्रोल के बाद भी कर गए डैमेज सूत्रों की मानें तो अटपटे बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले धनखड़ को कल मुख्यमंत्री तथा पार्टी हाईकमान ने भी फटकार लगाई थी। इसके चलते वह डैमेज कंट्रोल करने के दिल्ली पहुंचे लेकिन यहां भी कंट्रोल करने की बजाए और डैमेज कर दिया। उन्होंने कहा कि मीडिया उनके बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है।
प्रदेश में फसल खराबे के सदमे से बुधवार को पांच और किसानों की मौत हो गई। इसके साथ ही किसानों की मौत का आंकड़ा 50 तक पहुंच गया है। नारनौल के नांगल चौधरी क्षेत्र के एक किसान ने फंदा लगाकर जान दे दी, वहीं सोनीपत जिले में दो किसानों की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
हिसार में मंगलवार रात जहर खाने वाले किसान की मौत हो गई और बुधवार को एक और किसान को हार्ट अटैक आ गया। नांगल चौधरी क्षेत्र के किसान जोगेंद्र ने पेड़ पर फंदा लगाकर जान दे दी। सोनीपत जिले के गांव रंभड़ा निवासी किसान संजय और जुआं निवासी बलवीरसिंह को हार्ट अटैक से मौत हो गई।
हिसार जिले के देपला गांव में मंगलवार रात जहर निगलने से किसान रणधीर की मौत हो गई। वह फसल खराब होने से परेशान था। अग्रोहा क्षेत्र के गांव कुलेरी निवासी महावीर बुधवार सुबह खेत में गेहूं निकलवा रहा था। गेहूं की कम पैदावार देखकर उसे हार्ट अटैक आ गया।