शहर में अब कई ऐसी मार्केट बन गई हैं, जहां पर दुकानों के नाम की जगह कंपनियों व ब्रांड के होर्डिंग लगाए जाते हैं। उदाहरण के लिए सेक्टर-22 की मोबाइल मार्केट में अधिकतर दुकानों पर कुछ गिनी-चुनी चाइना की मोबाइल कंपनियों के ही होर्डिंग नजर आएंगे, जबकि चंडीगढ़ विज्ञापन नियंत्रण आदेश कहता है कि दुकान के बोर्ड पर सिर्फ दुकान का नाम होना चाहिए, न कि किसी कंपनी या किसी ब्रांड का नाम। निगम अब ऐसे ही बोर्ड और होर्डिंग को हटाने का काम शुरू करेगा। हालांकि अगर कोई शोरूम या बूथ किसी ब्रांड का ऑफिशल स्टोर है। ब्रांड के नाम पर ही पंजीकृत है तो वह अपने ब्रांड या कंपनी के नाम का बोर्ड लगा सकते हैं। आयुक्त ने सख्त निर्देश दिए कि इस अभियान के दौरान किसी भी उल्लंघनकारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध विज्ञापनों को जब्त कर लिया जाएगा और उल्लंघनकारियों पर 1954 के आदेश के तहत जुर्माना लगाया जाएगा।
24 नवंबर को जारी किया था सार्वजनिक नोटिस :
नगर निगम ने 24 नवंबर को विभिन्न समाचारपत्रों में सार्वजनिक नोटिस प्रकाशित कर उल्लंघनकारी को सूचित किया था कि वे सभी अनधिकृत विज्ञापनों को हटाएं। उन्हें यह भी सलाह दी गई थी कि जो विज्ञापन नियमों के अनुसार परमीसिबल हैं, उन्हें सक्षम प्राधिकरण से स्वीकृत कराएं। इसके लिए 15 दिन की समय सीमा दी गई थी। हालांकि, नोटिस की समय सीमा समाप्त होने के बावजूद किसी भी उल्लंघनकारी ने इसका पालन नहीं किया। इसे देखते हुए, नगर निगम ने अब सख्ती से अभियान चलाने का फैसला लिया है। आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि चंडीगढ़ विज्ञापन नियंत्रण आदेश 1954 के तहत सख्त अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। अभियान के दौरान अनधिकृत विज्ञापनों और स्काई-साइन को हटाने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।