देश की कुल आबादी का आधा हिस्सा महिलाओं का होने के बावजूद राजनीतिक दल उन्हें अपना उम्मीदवार बनाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। पंजाब में राष्ट्रीय, क्षेत्रीय व रजिस्टर्ड पार्टियों ने केवल 9 महिलाओं को अपना प्रत्याशी बनाया है। इनमें कांग्रेस, शिअद और आप ने दो-दो और अन्य रजिस्टर्ड पार्टियों ने तीन महिलाओं को टिकट दिए हैं।
नामांकन पत्रों की जांच के बाद पंजाब के चुनाव मैदान में बचे 280 में महिलाओं को संख्या केवल 18 हैं। पार्टियों की उक्त 9 प्रत्याशियों के अलावा 9 निर्दलीय महिला उम्मीदवार भी मैदान में हैं। इससे पहले दाखिल हुए कुल 455 नामांकन पत्रों में से महिलाओं के 39 कागज थे।
इनमें अधिकतर नामांकन उन महिलाओं के थे, जिन्होंने अपने पतियों के कवरिंग उम्मीदवार के रूप में पर्चे दाखिल किए थे। जो महिला उम्मीदवार मैदान में हैं, उनमें शिअद की ओर से बठिंडा से हरसिमरत कौर बादल और फरीदकोट से परमजीत कौर गुलशन, कांग्रेस की ओर से पटियाला से परनीत कौर व अंबिका सोनी और आप की ओर से जालंधर से ज्योति मान व होशियारपुर से यामिनी शामिल हैं।
अन्य पार्टियों की महिला उम्मीदवारों में फरीदकोट से बीएमयूपी की परमजीत कौर, पटियाला से बीजीटीडी की रंजीत कौर और गुरदासपुर से एमईडीपी की संतोष कुमारी चुनाव मैदान में हैं।
इनके अलावा गुरदासपुर से भाजपा के विनोद खन्ना की पत्नी कविता खन्ना व कांग्रेस के प्रताप सिंह बाजवा की पत्नी चरनजीत कौर बाजवा, पटियाला से शिअद के दीपइंदर सिंह ढिल्लों की पत्नी रुपिंदर कौर, संगरूर से शिअद के सुखदेव सिंह ढींडसा की पत्नी हरजीत कौर व कांग्रेस के विजयइंद्र सिंगला की पत्नी दीपा सिंगला चुनाव लड़ रही हैं।
होशियारपुर से भाजपा के विजय सांपला की पत्नी सुदेश सांपला व कांग्रेस के महिंदर सिंह केपी की पत्नी सुमन केपी ने कवरिंग उम्मीदवार के रूप में पर्चे भरे थे। पार्टियों के अधिकृत उम्मीदवारों के नामांकन सही पाए जाने के साथ ही कवरिंग प्रत्याशियों के कागज खारिज हो गए।
इस प्रकार अब केवल 18 महिला उम्मीदवार पंजाब के चुनाव मैदान में रह गए हैं और इनकी असल स्थिति भी नामांकन पत्रों की वापसी का समय समाप्त होने के स्पष्ट होगी।