चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में शनिवार को एमए और एमएससी के पांच कोर्सों की काउंसलिंग हुई। पीजी काउंसलिंग के पहले दिन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, संस्कृत, स्टैम सेल, जियोग्राफी और वुमन स्टडीज में काउंसलिंग आयोजित की गई। इस दौरान एमए संस्कृत विभाग में 40 सीटों पर सिर्फ काउंसलिंग के लिए 20 उम्मीदवार ही पहुंचे। इन सीटों पर दाखिले के लिए 25 आवेदन आए थे। बता दें कि इस अकादमिक सत्र में सीनेट की अप्रूवल के बाद विभाग में 60 सीटों से कम कर 40 सीटें की गई थी। इसके बावजूद विभाग में सीटें नहीं भर पाई हैं।
संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र अलंकार ने बताया कि विभाग में एमए कोर्स में 40 सीटों के लिए 25 आवेदन आए जिसमें से 20 उम्मीदवारों को ही शनिवार को दाखिला दिया गया। दाखिला मेरिट के आधार पर था। हालांकि इसमें दाखिले के लिए योग्यता में ग्रेजुएशन स्तर पर संस्कृत पढ़ा होना या सर्टिफिकेट कोर्स उत्तीर्ण होना जरूरी है। एमए संस्कृत में दाखिला कम होने का मुख्य कारण है कि स्कूल और कॉलेज में ग्रेजुएशन के स्तर पर संस्कृत लगभग खत्म हो चुकी है। जब छात्र ने संस्कृत पढ़ी ही नहीं है तो वह मास्टर्स संस्कृत में क्यों करेगा। इसके अलावा एक अहम कारण है कि अब भाषाओं में नौकरियां नहीं हैं, भाषाओं के सभी विभाग खाली पड़े हैं। किसी समय में संस्कृत में 150 से अधिक आवेदन आते थे उस दौरान मेरी ही तरफ से 40 से बढ़ाकर 60 सीटें करवाई गई थी लेकिन अब वापस 40 पर आ गए हैं।