सरकारी मकानों में घालमेल रोकने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन अलॉटमेंट प्रक्रिया में बदलाव करने जा रहा है। अब ऑनलाइन तरीके से आवासों का आवंटन होगा। इसके साथ कर्मचारियों के रिटायरमेंट के बाद चार महीने में आवास खाली करना होगा। इसमें जनरल पूल के सभी मकान ऑनलाइन वेबसाइट पर आवेदन करने के बाद अलॉट किए जाएंगे। इस समय शहर में प्रशासन के कुल 13728 सरकारी आवास उपलब्ध हैं।
सेक्टर-9 के सचिवालय सभागार में एडवाइजर की अध्यक्षता में हुई बैठक में ऐसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान वेबसाइट के जरिए सरकारी खाली मकानों को हर महीने ऑनलाइन अलॉट किया जाएगा। योग्य आवेदनकर्ताओं के बीच हर महीने 1 से 8 तारीख तक वरिष्ठता के आधार पर अलाटमेंट होगी। जिसका नाम सबसे ऊपर होगा, उसे एसएमएस के जरिए अलॉटमेंट की जानकारी दी जाएगी। मकान के आवंटन के बाद उम्मीदवार को वर्क इंस्पेक्टर से संपर्क कर 14 दिनों के पजेशन लेनी होगी।
मकान लेने के लिए भरना होगा फार्म-ए
सेक्रेटरी बीएल शर्मा ने बताया कि बैठक में सरकारी मकानों के आवंटन में पारदर्शिता लाने के तरीकों पर चर्चा हुई है। अगली मीटिंग में इसका पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाएगा। आवेदक की कोई लिखित अर्जी स्वीकार नहीं की जाएगी। केवल ऑनलाइन ही हिस्सा लेना होगा। वेबसाइट पर ही सरकारी मकान और मकान बदलने के लिए फॉर्म ए भरना होगा। वेबसाइट पर विजिट कर आवेदनकर्ता अपनी अर्जी का स्टेटस जान सकेंगे।
एक माह पूर्व देनी होगी जानकारी
हाउस अलॉटमेंट में चंडीगढ़ प्रशासन, पंजाब सरकार, हरियाणा सरकार, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के नोडल आफिसर या प्रतिनिधियों का कोटा निर्धारित है। कर्मचारियों के रिटायरमेंट के बाद चार महीने तक रहने के लिए दिया जा सकता है। बैठक में चर्चा हुई की कर्मचारियों को एक महीने पहले ही रिटायरमेंट की सूचना अपने डिपार्टमेंट को देनी होगी। इसके साथ रिटायरमेंट के समय बिजली व पानी सहित सभी बकाया करों को भुगतान करना होगा। इसके बाद ही कर्मचारियों को एनओसी मिलेगी।