पंजाब के स्थानीय निकाय विभाग के तहत नगर सुधार ट्रस्ट में अलॉट की गई जमीन पर निर्माण न करने वाले डिफॉल्टरों को सरकार ने एक साल का मौका दिया है। नियमानुसार जिन अलॉटियों ने 15 वर्ष के भीतर जमीन पर कोई निर्माण नहीं किया, उनकी आवंटित संपत्ति को जब्त करने का प्रावधान है।
विभाग ने अब इसको लेकर ऐसे अलॉटियों को राहत देते हुए 31 अक्तूबर 2023 से पहले तय राशि पांच प्रतिशत शुल्क के साथ जमा करवाने का आदेश जारी किया है। अगर अवधि के भीतर अलॉटी तय राशि पांच प्रतिशत शुल्क के साथ जमा नहीं करवाते हैं तो नगर सुधार ट्रस्ट उनकी संपत्ति जब्त कर लेगा।
राज्य के बड़े नगर सुधार ट्रस्ट अमृतसर द्वारा जारी सरकार के इन आदेश के तहत अलॉटियों को एक साल की राहत प्रदान की गई है। ट्रस्ट के चेयरमैन हरप्रीत सिंह के मुताबिक इस अवधि के भीतर अगर अलॉटियों ने निर्धारित राशि जमा नहीं करवाई तो उनकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी।
ये आदेश सूबे के सभी नगर सुधार ट्रस्टों पर लागू होंगे। गौर हो कि पंजाब के स्थानीय निकाय विभाग के तहत अमृतसर, गुरादासपुर, बटाला, पठानकोट, जालंधर, करतारपुर, कपूरथला, फगवाड़ा समेत कुल 30 शहरों में नगर सुधार ट्रस्ट हैं। इनके तहत गृह निर्माण के लिए जमीनों का आवंटन किया जाता है। ट्रस्ट ने पहले डिफॉल्टरों की संपत्ति जब्त करने की तैयारी की लेकिन राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद अब इन्हें एक साल की राहत प्रदान की गई है।