पीएमएस योजना का लाभ उठा रहे विद्यार्थियों के लिए 25 नवंबर को हो रही सिंडिकेट बैठक में नई नीति सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में पीयू के हर कोर्स के शिक्षण विभाग में ट्रांसजेंडर विद्यार्थी के लिए एक सीट सृजित करने और पीएचडी स्कॉलर के लिए यूजीसी के अनुसार दिशा-निर्देश बनाने पर चर्चा होगी।
पंजाब सरकार अपने राज्य से पीयू में पढ़ रहे आर्थिक रूप से कमजोर एससी विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (पीएमएस) देती है। 2009-10 सत्र से विद्यार्थियों को इस योजना के तहत पंजाब सरकार यूनिवर्सिटी को अनुदान देती थी लेकिन 2021 से पंजाब सरकार ने सीधा विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि देना शुरू किया। इससे पीयू को फीस की अदायगी नहीं हुई है और पीयू 25 करोड़ के घाटे में चल रहा है। पंजाब सरकार ने सत्र 2013-14 से यूनिवर्सिटी को योजना के तहत पूरा अनुदान नहीं दिया है। 10 अक्तूबर को समिति की हुई बैठक में एग्जामिनेशन फीस भर रहे पीएमएस लाभार्थियों के लिए नई नीति बनाने पर सहमति जताई है, जिसके तहत मामला अब सिंडिकेट में विचाराधीन है।
पीयू के हर कोर्स के शिक्षण विभाग और रीजनल सेंटर में ट्रांसजेंडर विद्यार्थी के लिए एक अतिरिक्त सीट का सृजन करने पर विचार-विमर्श होगा। यूनिवर्सिटी में समावेशी माहौल को बढ़ावा देने और एलजीबीटीक्यू प्लस समुदाय के हितों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। सीट का सृजन सत्र 2024-25 से शुरू करने की कोशिश है। पीएचडी विद्यार्थियों के लिए यूजीसी के अनुसार दिशा-निर्देश तैयार करने पर सिंडिकेट में चर्चा होगी। इसमें इंटर डिसिप्लनरी सेंटर फाॅर स्वामी विवेकानंद स्टडीज में पीएचडी पंजीकरण के लिए प्रक्रिया इस सत्र में दी हैंडबुक की जानकारी के अनुसार ही रहेगी। नई शिक्षा नीति के तहत इंटर डिसिप्लनरी स्टडीज के लिए अलग से विभाग बनाने पर चर्चा होगी।