चंडीगढ़ में बुधवार को एक दिन का लॉकडाउन लगाया गया था। प्रशासन ने रामनवमी पर जुटने वाली भीड़ को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाया है। इस दौरान शहर की सड़कों पर अनिवार्य कामों के लिए लोगों की आवाजाही जारी रही लेकिन सुखना लेक व विभिन्न पार्कों में सन्नाटा पसरा रहा।
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प्रशासन के अधिकारियों को अंदेशा था कि रामनवमी के मौके पर शहर के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटेगी। इसलिए बुधवार को सभी मंदिरों के दरवाजे आम लोगों के लिए बंद रखे गए। हालांकि अंदर पंडितों को पूजा करने की अनुमति दी गई थी। इस वजह से शहर के विभिन्न मंदिरों के बाहर ही लोग कन्याओं को भोजन कराते नजर आए। कई जगह पुलिस द्वारा लोगों को ऐसा करने से रोका गया, ताकि कोरोना का संक्रमण न फैल सके।
वीकेंड लॉकडाउन से सबक लेते हुए बुधवार को लगे एक दिन के लॉकडाउन में पुलिस की सख्ती पहले से ज्यादा दिखी। सड़कों पर पुलिसकर्मी ज्यादा नजर आए और कई जगह नाके लगाए गए थे। इस दौरान जो भी व्यक्ति गैर अनिवार्य कारणों से घूमता हुआ पाया गया, उसका चालान काटा गया। बुधवार को भी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने शहरवासियों से आग्रह किया कि वह लॉकडाउन के नियमों का पालन करें और बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकले।