चंडीगढ़। सेक्टर-17 स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) के तहत आउटसोर्सिंग सेवा प्रदाता (वी इंस्पायरर फैसिलिटी प्राइवेट लिमिटेड गुरुग्राम एचआर) कंपनी के सुपरवाइजर व आपेरशन मैनेजर को विजिलेंस ने अदालत में पेश किया। रिश्वत के आरोपी सुपरवाइजर को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए, जबकि ऑपरेशन मैनेजर का दो दिन का रिमांड मंजूर किया है। इन दोनों को बीते बुधवार को विजिलेंस ने एक कर्मचारी से चपरासी के पद पर सेवाएं जारी रखने के लिए 10 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।
आईसीसीसी में आउटसोर्सिंग सेवा प्रदाता कंपनी के तहत ही कर्मचारी भर्ती किए जाते हैं। इसी कंपनी के जरिए शिकायतकर्ता चपरासी के पद पर नौकरी कर रहा था जिसे कुछ समय पहले हटा दिया गया था। इस कर्मचारी ने कंपनी के सुपरवाइजर से दोबारा नौकरी पर रखने के लिए बातचीत की। सुपरवाइजर कुलदीप कुमार ने उसे नौकरी पर रखने की एवज में 20 हजार रुपये बतौर रिश्वत पैसे मांगे थे। कहा कि वह इस बारे में कंपनी के आपरेशन मैनेजर से बातचीत कर नौकरी दिलवा देगा।
बुधवार सुबह सुपरवाइजर ने रिश्वत की रकम लेकर व्यक्ति को मिलने के लिए बुलाया था। शिकायतकर्ता ने जैसे ही 10 हजार रुपये दिए विजिलेंस ने गिरफ्तार कर लिया था। सुपरवाइजर की निशानदेही पर ऑपरेशन मैनेजर मोहन जांगड़ा को सेक्टर-17 में स्थित उनके कार्यालय से गिरफ्तार किया था। इन दोनों आरोपियों सुपरवाइजर व आपरेशन मैनेजर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8 व 12 व आईपीसी 384,120 बी के तहत केस दर्ज किया गया है।