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स्पीकर के नेम करने पर विधायक तीन बैठक के लिए स्वत: निलंबित हो जाएंगे

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हरियाणा विधानसभा के कार्य संचालन के संशोधित नियम पारित, स्पीकर की शक्तियां बढ़ीं
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बजट सत्र में हरियाणा विधानसभा के कार्य संचालन के संशोधित नियमों को भी पास किया गया है। इसके तहत विधानसभा अध्यक्ष की शक्तियां बढ़ गई हैं। सदन की कार्यवाही के दौरान किसी सदस्य के वेल में लगातार आने या नारे लगाकर कार्य में बाधा उत्पन्न करने की स्थिति पर विधानसभा के अध्यक्ष किसी विधायक को नेम करते हैं तो वह लगातार तीन बैठक व सत्र के शेष भाग के लिए (जो भी कम होगा) स्वत: निलंबित माना जाएगा। सदन में अध्यक्ष की घोषणा करते ही सदस्य सदन से तुरंत बाहर चला जाएगा। हालांकि हाउस के प्रस्ताव पर निलंबन को समाप्त भी किया जा सकेगा। इससे पहले, नियम के अनुसार यदि कोई अध्यक्ष किसी विधायक को नेम करता था तो इसके लिए प्रस्ताव लाना पड़ता था। प्रस्ताव के बाद उसके सदस्य को सदन से बाहर किया जाता था।
दरअसल, मार्च 2023 में स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने इनेलो के विधायक अभय चौटाला को नेम कर दिया था। इस मामले में अभय चौटाला हाईकोर्ट चले गए थे। उन्होंने दलील दी थी कि उनके मामले में सदन में कोई प्रस्ताव नहीं लाया गया है। यह संशोधित नियम हरियाणा विधानसभा की रूल्स कमेटी ने तैयार किए हैं। कमेटी में विधानसभा के अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता चेयरमैन के तौर पर हैं। वहीं, विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा, किरण चौधरी, गीता भुक्कल, घनश्यामदास अरोड़ा, अभय सिंह यादव, नैना सिंह चौटाला, सुधीर कुमार सिंगला सदस्य हैं।
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सदन में मौजूद विधायकों के लिए नए नियम बनाए

कमेटी ने विधायकों के लिए कुछ नए नियम भी बनाए हैं। इसके तहत विधायक सदन के अंदर नारे नहीं लगा सकेंगे। सदन में विधायक सभापति से व्यक्तिगत रूप से संपर्क नहीं करेंगे। यदि आवश्यक है तो सदस्य पटल पर बैठे अधिकारियों को चिट भेज सकते हैं। सदन में किसी प्रकार का बैज प्रदर्शित नहीं कर सकेंगे। हथियार प्रदर्शित नहीं करेंगे। सदन में झंडे, प्रतीक या कोई प्रदर्शन नहीं करेंगे। भाषण देने के तुरंत बाद सदन नहीं छोड़ेंगे। सदन के परिसर में कोई साहित्य प्रश्नावली, पंफ्लेट, प्रेस नोट वितरित नहीं करेंगे। सदन में डेस्क पर अपनी टोपी व कैप नहीं रखेंगे। बाहों पर कोट लटकाकर नहीं आएंगे। दर्शक दीर्घा और अधिकारी दीर्घा में बैठे लोगों से चर्चा या बातचीत नहीं करेगा। इसके अलावा सदन में किसी भी प्रकार के नारे, संकेत व धार्मिक शब्द प्रदर्शित करने वाले कपड़े पहनने पर भी रोक रहेगी। उल्लेखनीय है कि फरीदाबाद एनआईटी के कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने विधानसभा अध्यक्ष से बजट सत्र के दौरान दो गज कफन पहनने की अनुमति मांगी थी, जिसमें प्रभु श्री राम, सनातन धर्म का स्वास्तिक चिह्न, तुलसीदास की चौपाइयां और उनके विधानसभा क्षेत्र की कुछ समस्याएं चित्रित थीं। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष इसकी अनुमति नहीं दी थी। बाद में उन्हें सामान्य कपड़े पहनकर आने पर सदन में अनुमति मिली थी।
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