तीस गज में मकान और बिजली का बिल करीब सवा आठ लाख। इस मकान के मालिक ऑटो चालक को पिछले साल फरवरी में 43,141 रुपये का बिल भेजा गया था, तब से वह बिल ठीक कराने के लिए बिजली विभाग के मनीमाजरा दफ्तर का चक्कर काट रहा है। बिल तो दुरुस्त नहीं हुआ, ऊपर से एक साल बाद लगभग 20 गुना बिल भेज दिया गया।
आखिरकार, शिकायतकर्ता ने कंज्यूमर ग्रीवांसेज रेड्रेसल फोरम में शिकायत दी है। शांति नगर की गली नंबर-11 के मकान नंबर 149/1 में रहने वाले राम मेहर ने बताया कि उसे सबसे पहले 5 फरवरी 2014 को 43,141 रुपये का बिल आया था। उसके घर में इतने बिजली उपकरण ही नहीं है, जिससे इतना ज्यादा बिल आए।
वह बिल ठीक कराने के लिए मनीमाजरा ऑफिस गया, लेकिन वहां भी उसे बिल भरने के लिए मजबूर किया गया। आज तक वह बिल तो ठीक नहीं हुआ, लेकिन एक साल बाद ही करीब 20 गुना ज्यादा बिल भेज दिया गया। अब उसे 27 जनवरी 2015 को आठ लाख 21 हजार 400 रुपये का बिल भेजा गया है।